सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिला प्रशासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एवं MPIDC जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में 21 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में कृषि कल्याण वर्ष 2026, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन के अंतर्गत ODOP मिलेट वर्कशॉप, बायर–सेलर मीट एवं मिलेट एक्सीलरेटर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और प्रतिष्ठित व्यापारियों के बीच व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करना रहा, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। साथ ही श्री अन्न (कोदो-कुटकी) के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर किसानों को अतिरिक्त लाभ के अवसर उपलब्ध कराना भी प्रमुख लक्ष्य रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया रहीं। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, केवीके डिंडौरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के.के. देशमुख, उपसंचालक कृषि अभिलाषा चौरसिया, परियोजना संचालक आत्मा डॉ. नेहा धुरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी रुचि टेकाम, आजीविका मिशन जिला प्रबंधक अपर्णा पांडे, उद्योग विभाग प्रमुख राधिका कुसरो, लघु उद्योग अध्यक्ष व्यापारी संघ अध्यक्ष, उद्योगपति सहित अन्य अधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत द्वारा ODOP कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बायर–सेलर मीट का शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार ने कोदो-कुटकी के पोषण एवं आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला।
जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 301 मीट्रिक टन कोदो-कुटकी उपार्जन एवं 5000 किसानों के पंजीयन पर कृषि विभाग की टीम की सराहना की। उन्होंने जिले में मिलेट आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु उद्योगपतियों एवं निवेशकों से ठोस कार्ययोजना बनाकर विभागीय योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
तकनीकी सत्र में Indian Institute of Millets Research के वैज्ञानिक डॉ. हरिप्रसन्ना ने मिलेट्स के मूल्य संवर्धन एवं प्रोसेसिंग पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं केवीके प्रमुख डॉ. के.के. देशमुख ने मिलेट उत्पादन के लिए उपयुक्त मृदा चयन एवं नवीन तकनीकों से अवगत कराया। MPIDC जबलपुर के श्री सुरेश पहाड़े ने मिलेट्स के निर्यात अवसरों, प्रक्रियाओं एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। Spices Board India के डॉ. भारत ने कृषि निर्यात एवं APEDA की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में प्रदान, बैगाचक, न्यूसीड, तेजस्विनी, रमन ग्रीन सहित जिले में कार्यरत विभिन्न FPO और व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्नतशील कृषकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मिलेट उत्पादन से होने वाले लाभ बताए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नेहा धुरिया द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। आयोजन ने जिले में श्री अन्न को उद्योग और निर्यात से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया।