युवाओं के लिए रश्मि बनी रोलमॉडल
सेवाजोहार (डिंडोरी):- हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश के आदिवासी जिला डिंडोरी की रहने वाली रश्मि कुशरे की,जिनकी प्रारंभिक पूरी पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर डिंडोरी में पूरी हुई हैं। रश्मि डिंडोरी के साकेत नगर की रहने वाली हैं,जिनके पिता जयमल सिंह कुशरे समनापुर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ हैं और मां गृहणी हैं,रश्मि की दो छोटी बहने हैं।
रश्मि कुशरे ने सेवाजोहार टीम को बातचीत में बताया कि वे डिंडोरी में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद ग्रेजुएशन के लिए BE सिविल जबलपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन ली और MPPSC की तैयारी में जुट गईं। वर्ष 2019 से निरंतर इंटरव्यू दिया और 2021 में शिक्षा विभाग में सहायक संचालक के पद पर चयन हुआ। रश्मि ने इस दौरान भी पढ़ाई जारी रखी।वर्तमान में रश्मि कुशरे मप्र के पांढुर्णा जिले के सौसर में BEO के पद में सेवारत हैं। अब जब MPPSC वर्ष 2023 का रिजल्ट आया तो रश्मि ने रैंक 20 वी हासिल कर डिप्टी कलेक्टर पद पाया। रश्मि ने बताया कि यह उनका पांचवा अटेंप्ट था जिसमें वे डिप्टी कलेक्टर बनी।
यह जानकारी जब डिंडोरी जिले के लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से लगी तो जिलेवासियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।रश्मि को बधाईयां देने वालों का दौर जारी हैं। हमारी सेवाजोहार टीम की तरफ से भी रश्मि कुशरे को डिप्टी कलेक्टर बनने की ढेर सारी शुभकामनाएं।
रश्मि कुशरे डिंडोरी जिले की हर वो बच्चियों के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य के लिए आज भी प्रयासरत हैं। रश्मि कहती है लक्ष्य पाने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करिए और बिना ध्यान भटकाए पढ़ते रहिए,तभी कामयाबी हासिल होती हैं।