सुरक्षा, स्वच्छता और बंदियों की सुविधाओं पर दिया विशेष जोर
सेवाजोहार (डिंडौरी): जिले की प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिला जेल डिण्डौरी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजाम, साफ-सफाई, बंदियों के आवासीय कक्ष, भोजन व्यवस्था, पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नवीन बैरिक का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने पीआईयू विभाग द्वारा 150.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 20-20 सीटर की डबल मंजिला नवीन बैरिक का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत व्यवस्था, बैरिक की आंतरिक संरचना एवं परिसर को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। नवीन बैरिक के निर्माण से बंदियों को अधिक सुरक्षित और आधुनिक सुविधायुक्त आवास उपलब्ध होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशियों की समीक्षा
जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (व्ही.सी.) के माध्यम से हो रही न्यायालयीन पेशियों का भी जायजा लिया गया। इस दौरान वैभव गुप्ता, भानूप्रताप एवं घनश्याम की पेशी चल रही थी। कलेक्टर ने ड्यूटी पर तैनात जवानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
बंदियों से संवाद, कौशल विकास पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने महिला एवं पुरुष बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, चित्रकारी, कारीगरी, मूर्ति निर्माण, पेंटिंग सहित अन्य कौशल विकास गतिविधियों की जानकारी लेते हुए इन्हें और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों के पुनर्वास के लिए कौशल उन्नयन कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भोजन व स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच
कलेक्टर ने जेल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। रसोईघर का निरीक्षण कर स्वच्छता मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए।
मानवीय दृष्टिकोण से व्यवस्थाएं संचालित करने के निर्देश
कलेक्टर ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा मानकों के पालन और पुनर्वास कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक लव सिंह काठिया, पीआईयू अधिकारी पारस सिंह, राजेश विश्वकर्मा, उमाकांत त्रिपाठी सहित समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहा।