सेवाजोहार (सिवनी):- उपसंचालक पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी ने जानकारी देकर बताया कि पेंच टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश) से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बीच चल रही अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण प्रक्रिया में आज बड़ा कदम आगे बढ़ा। सुबह एआई-सक्षम कैमरा ट्रैप सिस्टम से मिले मूवमेंट अलर्ट के आधार पर वन्यजीव टीमों ने संभावित स्थान पर बाघिन की तलाश शुरू की।
हाथी दस्तों की मदद से बाघिन को ढूंढकर उसकी पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद डॉ. अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में तथा डॉ. अमित कुमार ओड की उपस्थिति में मौजूद विशेषज्ञ पशु चिकित्सा टीम ने बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज किया। निर्धारित वन्यजीव प्रोटोकॉल के अनुसार प्रशिक्षित टीम द्वारा बाघिन को रेडियो कॉलर पहनाया गया।
कॉलर लगने के बाद उसे सावधानीपूर्वक पुनः जागृत कर वापस जंगल में छोड़ दिया गया। अब कुछ दिनों तक उसकी गतिविधियों, व्यवहार और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्राप्त अवलोकनों के आधार पर उसके राजस्थान स्थानांतरण की अंतिम प्रक्रिया तय की जाएगी। यह उपलब्धि दोनों राज्यों के समन्वय और वैज्ञानिक पद्धति के साथ चल रहे बाघ स्थानांतरण अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।