कब होगी जिले के झोलाछाप डॉक्टरों पर कारवाई ?
सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रकरिया निवासी चंद्र सिंह मरावी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी गणपति बाई मरावी ने आरोप लगाया है कि 22 अक्टूबर को जब उनके पति को सिरदर्द की शिकायत थी, तब उन्हें शाहपुर स्थित प्राइवेट डॉक्टर नील कमल प्रजापति के क्लिनिक में इलाज के लिए ले जाया गया।
गणपति बाई के अनुसार डॉक्टर ने उनके पति को लगातार चार बॉटल (इन्फ्यूजन) चढ़ाए। बॉटल लगाए जाने के बाद चंद्र सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी और वह क्लिनिक में ही उल्टियां करने लगे। हालत और बिगड़ने पर चंद्र सिंह ने परिजनों से गुहार लगाई—”मुझे बचा लो”।
परिवार और पत्नी ने घबराहट व बेचैनी बढ़ने पर उन्हें क्लिनिक से हटाकर बेटी के घर ले गए, जहां कुछ घंटों बाद चंद्र सिंह ने 23 अक्टूबर को दम तोड़ दिया।
मामले में उठ रहे गंभीर सवाल
घटना के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो रहे हैं—
1. इलाज के दौरान डॉक्टर ने कौन-सी दवा या कौन-सी “बॉटल” लगाई?
अब तक इस बात की कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि डॉक्टर ने मरीज को कौन सा ड्रिप/इंजेक्शन या दवा दी थी।
2. चंद्र सिंह का ब्लड टेस्ट या अन्य मेडिकल टेस्ट क्यों नहीं किया गया?
सामान्यतः किसी मरीज के सिरदर्द, उल्टी, बेचैनी या एलर्जी जैसे लक्षणों में प्राथमिक जांच की जाती है,
लेकिन यहां किसी भी प्रकार की मूलभूत जांच नहीं की गई, यह बड़ा सवाल है।
3. क्या डॉक्टर नील कमल प्रजापति की क्लिनिक पर वैधानिक बोर्ड (क्वालिफिकेशन/रजिस्ट्रेशन नंबर) मौजूद था?
गणपति बाई का आरोप है कि क्लिनिक पर कोई वैधानिक बोर्ड नहीं लगा था। यदि ऐसा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
4. क्या डॉक्टर के पास ऐसे उपचार देने की पात्रता/डिग्री है?
यह भी जांच का विषय है कि डॉक्टर किस श्रेणी के पंजीकृत चिकित्सक हैं और उन्हें इस तरह का इलाज करने की अनुमति थी या नहीं।
पत्नी ने की कार्रवाई की तैयारी
मृतक की पत्नी गणपति बाई ने कहा है कि वह अब डॉक्टर नील कमल प्रजापति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगी।
परिवार चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगा रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर सेवाजोहार की टीम शाहपुर स्थित कथित डॉक्टर नील कमल प्रजापति की क्लिनिक पहुंची तो डॉक्टर की क्लिनिक के बाहर कोई वैधानिक बोर्ड नहीं लगा था,क्लिनिक तीन कमरों में संचालित दिखाई दी,जहां कमरे के भीतर डॉक्टर का बैठक रूम और पीछे के दो कमरों में कई पलंग लगे हुए थे मरीजों के उपचार के लिए। कथित डॉक्टर नील कमल से जब रकरियां निवासी चंद्र सिंह मामले में चर्चा की गई तो उन्होंने ऐसे कोई भी मामले से पल्ला झाड़ते हुए अपने आप को पाकसाफ बताया।

वही इस पूरे मामले में डिंडोरी जिला के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फोन के माध्यम से जानकारी दी गईं,जानकारी मिलते ही CMHO डॉ मनोज पांडे ने एक टीम गठित कर शाहपुर भेजा जहां मौके से कथित डॉक्टर नील कमल प्रजापति अपनी क्लिनिक और दवाई दुकान बंद कर फरार हो चुके थे।
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