कलेक्टर का समूह की महिलाओं ने किया दिल से धन्यवाद
दीपक ताम्रकार की कलम से
सेवाजोहार (डिंडोरी):- कई महीनों की चिंता, अनिश्चितता और संघर्ष के बाद तेजस्विनी महिला संघों के चेहरों पर फिर मुस्कान लौट आई। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वह निर्णय लिया गया, जिसने सैकड़ों महिलाओं की उम्मीदों को नया संबल दिया।
वर्ष 2017-18 से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुबह के नाश्ते के रूप में मिल रहे मिलेट्स आधारित कुकीज, नमकीन और सेव-मुरमुरा अप्रैल 2025 में अचानक बंद हो गए थे। यह केवल एक नाश्ता बंद होना नहीं था, बल्कि अनेक महिला संघों की आजीविका पर लगा गहरा आघात था। घर-परिवार चलाने वाली महिलाओं के हाथों से काम छिन गया और चूल्हों की आंच मंद पड़ गई।

महिला संघों की पीड़ा और आग्रह को समझते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मानवीय संवेदनाओं के साथ जिला स्तरीय समिति का गठन किया। समिति की अनुशंसा पर आंगनवाड़ी केंद्रों में पुनः सुबह के नाश्ते के रूप में मिलेट्स आधारित कुकीज, नमकीन एवं सेव-मुरमुरा वितरण का निर्णय लिया गया।
आदेश पत्र सौंपते हुए कलेक्टर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनका परिश्रम, गुणवत्ता और समयबद्धता ही इस पहल की आत्मा है। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को मिलने वाला नाश्ता पौष्टिक, शुद्ध और निर्धारित मासिक मेनू के अनुसार हो।
निर्णय की घोषणा होते ही बैठक में उपस्थित महिलाओं की आंखों में संतोष और कृतज्ञता साफ झलकने लगी। वर्षों की मेहनत को मिली यह स्वीकृति उनके लिए सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसे की मुहर थी। महिलाओं ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी उत्पादन इकाइयों के भ्रमण का आग्रह भी किया।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्याम सिंगोर, महिला वित्त एवं विकास निगम के समन्वयक सहित तेजस्विनी महिला संघों के अध्यक्ष, सचिव एवं संघमित्र मौजूद रहे। यह निर्णय न केवल बच्चों के पोषण को मजबूत करेगा, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रही महिलाओं के सपनों को भी नई उड़ान देगा।