डिंडोरी कलेक्टर ने भी दर्शन लाभ लिया
सेवाजोहार (डिंडोरी):- मां नर्मदा की कठिन हाथों के बल परिक्रमा पर निकले धर्मपुरी महाराज का डिंडोरी नगर में ऐतिहासिक स्वागत किया गया। एक जनवरी की रात्रि को महाराज डिंडोरी के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान में तंबू लगाकर रुके थे। दो जनवरी की सुबह नगर के नर्मदा भक्तों ने उन्हें बाजे-गाजे और जयघोष के साथ नर्मदा डैम घाट तक पहुंचाया।
सुबह तंबू से निकलते ही “नर्मदे हर” के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। पुष्प वर्षा और बैंड की मधुर धुनों के बीच महाराज भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां से उनकी हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा यात्रा डैम घाट के लिए प्रारंभ हुई। नगर की सड़कों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पों की चादर बिछा दी। कुछ नर्मदा भक्त हाथों में झाड़ू लेकर मार्ग की सफाई करते भी नजर आए।
धर्मपुरी महाराज के दर्शन के लिए नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। जिस किसी ने यह दृश्य देखा, वह “नर्मदे हर” कहे बिना नहीं रह सका।
डैम घाट पहुंचकर धर्मपुरी महाराज ने मां नर्मदा को चुनरी अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की और विश्व कल्याण की कामना की। दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भी महाराज के दर्शन कर उन्हें श्रीफल भेंट किया और नर्मदा परिक्रमा की सफलता की शुभकामनाएं दीं।

पूजन उपरांत धर्मपुरी महाराज मंदिर परिसर में कुछ देर विश्राम के बाद अवंती बाई चौक होते हुए किशोरी गार्डन के लिए रवाना हुए, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। तीन जनवरी की सुबह वे राय सिटी होते हुए बायपास मार्ग से मंडला के लिए प्रस्थान करेंगे।
आस्था, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का ऐसा अद्भुत संगम डिंडोरी नगर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले ने पहले कभी नहीं देखा। धर्मपुरी महाराज की यह अनोखी अर्धमुखी नर्मदा परिक्रमा जिलेवासियों के लिए आस्था का प्रतीक बन गई है। जनमानस की भावना है कि इस दुर्लभ परिक्रमा को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए, ताकि मां नर्मदा के इस महान भक्त को विश्व वर्षों तक स्मरण रखे।
उल्लेखनीय है कि धर्मपुरी महाराज ने मां नर्मदा की परिक्रमा अमरकंटक, उद्गम स्थल से प्रारंभ की थी। लगभग तीन माह बाद उनका डिंडोरी आगमन हुआ, जहां नर्मदा भक्तों ने भव्य स्वागत कर अपनी श्रद्धा प्रकट की।