गाड़ी की छत पर नजर तो डालिए साहब !
सेवाजोहार (डिंडोरी):- रिस्क लेकर गाड़ी चलाना और सवारियों की जान जोखिम में डालना कोई डिंडोरी जिले के गाड़ी वालों से सीखे,,,ये हम नहीं बल्कि कैमरे में कैद नजारे खुद बया कर रहे हैं। नजारा डिंडोरी जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र की पलकी मार्ग का हैं,जहां चलने वाले तूफान वाहन यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते कैमरे में कैद हुए। कोई तूफान वाहन की छत पर बैठा तो कई जानवरों की तरह वाहन के भीतर ठूस ठूस कर अंदर बैठाए गए ,इससे भी मन नहीं भरा तो वाहन चालक ने वाहन के पीछे भी कुछ यात्रियों को लटका लिया। तूफान वाहन क्रमांक MP 52 TA 1100 कैमरे में कैद
रोजाना का खेल है रिस्क का,,,,
यह जानलेवा साबित होने वाला सफर कोई एक दिन का नहीं है,बल्कि शाहपुर से पलकी मार्ग का रोज का हैं,अगर पुलिस और आरटीओ के आला अफसर एक बार शाहपुर से पलकी मार्ग जाकर देखेंगे तो पता चलेगा कि मार्ग एक जैसी सपाट नहीं बल्कि ऊंची नीची हैं और मोड़ दार है,जहां एक चूक बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती हैं।

एक हाथ वाहन पर और एक कैमरे को हाथ दिखाते
जागरूकता कार्यक्रम की अनदेखी,,,,
ऐसे वाहन चालक रिस्क लेकर ज्यादा सवारियों को बैठाने के चक्कर में अधिक कमाई तो करते है साथ ही जिले का नाम भी खराब करते हैं। जब ऐसे रिस्क वाले नजारे घटना दुर्घटना का शिकार होते है तो प्रश्नचिन्ह पुलिस और आरटीओ पर लोग खड़े करते हैं। साथ ही नजर अंदाजगी के चलते सरकार की बड़ी कारवाई में संबंधित थाना क्षेत्र के अधिकारियों पर भी गाज गिरती हैं।
क्या ख़बर से सबक लेंगे ?
जिलें में बढ़ते हादसे रोज नया सबक देते हैं,लेकिन दुर्भाग्य है कि न सड़क दुर्घटना रुक रही है और न ही ऐसी लापरवाही। “सेवाजोहार” एक जिम्मेदार वेबसाइट हैं जो ख़बरों के माध्यम से शासन प्रशासन को सचेत और सतर्क करती हैं ताकि समय रहते लापरवाहियों पर लगाम लगाई जा सकें। हम उम्मीद करते है कि इस ख़बर के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आए और कारवाई विधि के तहत सुनिश्चित की जाए।

सामने छोड़ वाहन चालक कैमरे की तरफ देखता
एक नजर नियम पर : भारत में यह मामला मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत आता है:
धारा 177
👉 यातायात नियमों का उल्लंघन
पहली बार: ₹500 तक जुर्माना
दोबारा: ₹1000 तक जुर्माना
धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग)
👉 छत पर सवारी बैठाना सीधे जानलेवा/खतरनाक ड्राइविंग माना जाता है
₹1000 से ₹2000 तक जुर्माना
या 6 महीने तक की जेल
या दोनों
धारा 194A (ओवरलोडिंग – सवारी क्षमता से अधिक)
प्रति अतिरिक्त सवारी ₹200
वाहन जब्त भी किया जा सकता है जब तक अतिरिक्त सवारी नहीं उतारी जाती
बीमा (Insurance) का प्रभाव
👉 दुर्घटना की स्थिति में
बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है
चालक/मालिक को निजी तौर पर मुआवजा देना पड़ सकता है
🚓 पुलिस/प्रशासन क्या कार्रवाई कर सकता है
चालान काटना
वाहन रोकना या जब्त करना
ड्राइवर का लाइसेंस निलंबित करना
गंभीर हादसे में IPC की धाराएँ भी लग सकती हैं (लापरवाही से जान को खतरा)
⚠️ छत पर सवारी क्यों गंभीर अपराध है
ब्रेक लगने या मोड़ पर गिरने का खतरा
तेज हवा/तूफान में संतुलन बिगड़ना
जानलेवा दुर्घटना की पूरी आशंका