मनरेगा कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर
सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) से जुड़े संविदा कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। लगातार 5 माह से मानदेय न मिलने के कारण नाराज़ कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का बड़ा निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो कामकाज पूरी तरह प्रभावित होगा।
कर्मचारियों का कहना है कि वे शासन के निर्देशानुसार लगातार पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन की किश्तें, मकान किराया और बिजली बिल जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारियों को मकान मालिकों के दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
मनरेगा कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर 13 अप्रैल 2026 को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, इसी योजना में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों को अन्य मद से मानदेय दिए जाने से संविदा कर्मचारियों में और नाराजगी बढ़ गई है।
पारिश्रमिक कटौती के आदेश पर पुनर्विचार की मांग
कर्मचारियों ने पूर्व में जारी पारिश्रमिक कटौती के आदेशों को भी निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से वेतन नहीं मिल रहा है, ऐसे में कटौती के आदेश उनके लिए और भी परेशानी बढ़ाने वाले हैं।
4 से 8 मई तक रहेगा सामूहिक अवकाश
नाराज कर्मचारियों ने 4 मई से 8 मई 2026 तक 5 दिवसीय सामूहिक अवकाश (असहयोग आंदोलन) पर जाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ रहेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस निर्णय से जिले में मनरेगा कार्यों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।