सेवाजोहार (डिंडोरी):- कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच डिंडौरी में भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
चमरू सिंह नेताम ने कहा कि SIR को लेकर चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को हुई बैठक में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने कहा है कि SIR सहित आयोग के निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाने पर सवाल
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग और SIR को लेकर सवाल उठाए गए, उसके बाद चुनाव आयोग ने अपना पक्ष सामने रखा है। ऐसे में उनका कहना था कि किसी मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पूरी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव आयोग ने संबंधित मुद्दे पर अपना स्पष्टीकरण दे दिया है, तो कांग्रेस और राहुल गांधी अब भी उन्हीं आरोपों को किस आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं।
Form-6 के मुद्दे पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में Form-6 से जुड़े Declaration का मुद्दा भी उठाया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष ने दावा किया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया जा रहा है कि Form-6 में मनमाने बदलाव किए जाने का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले में SIR प्रक्रिया के संदर्भ में नए मतदाताओं के लिए Form-6 के साथ Declaration Form की व्यवस्था का उल्लेख है।
कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे पत्र को लेकर भी स्पष्टीकरण की मांग
चमरू सिंह नेताम ने कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए एक पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उसे SIR और चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि चुनाव आयोग की ओर से इसे एक अधिकारी से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक विषय बताया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि किसी प्रशासनिक विषय को SIR से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाने से पहले उसके वास्तविक संदर्भ को सामने रखना चाहिए।
ECINET की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ समिति का उल्लेख
ECINET सिस्टम को लेकर उठाए गए सवालों पर भी भाजपा जिला अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के पक्ष का हवाला दिया। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने ECINet की तकनीकी व्यवस्था और नियमों के अनुपालन की समीक्षा के लिए वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने तथा IIT/IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को इसमें शामिल करने की बात कही है।
कांग्रेस से पूछे पांच सवाल
भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी से पांच सवाल पूछे।
पहला सवाल: जब चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय बताया है, तो राहुल गांधी अपने आरोपों पर क्यों कायम हैं?
दूसरा सवाल: Form-6 से जुड़े Declaration के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस इस न्यायिक प्रक्रिया को किस रूप में देखती है?
तीसरा सवाल: क्या किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाना उचित है?
चौथा सवाल: क्या कांग्रेस चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करती है?
पांचवां सवाल: यदि चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है, तो क्या राहुल गांधी अपने पहले लगाए गए आरोपों पर पुनर्विचार करेंगे?
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना
चमरू सिंह नेताम ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा पहले भी EVM, न्यायपालिका और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी संस्था के फैसले से असहमति रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करें। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को चुनावी हार और जनादेश का भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने लंबे चुनावी इतिहास और लगातार बदलते जनादेश पर भी विचार करना चाहिए।
‘चुनाव जनता के बीच जाकर जीते जाते हैं’
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव जनता के बीच जाकर सेवा, काम और नीतियों के आधार पर जनमत हासिल करने से जीते जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर पर्याप्त तथ्यों के बिना आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
चमरू सिंह नेताम ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट किए जाने के बाद अब कांग्रेस और राहुल गांधी को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे चुनाव आयोग के निर्णय, न्यायपालिका के फैसलों और देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपना रुख क्या रखते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर अपनी बात रखी जानी चाहिए।