सेवाजोहार (डिंडोरी)- यह खबर दिल दहला देने वाली है जहां उल्टी दस्त की चपेट में आने से बैगा जनजाति के मां और उसके बेटे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया है। जिस गांव में पहुंचने के लिए लग्जरी वाहनो की भी हवा निकल जाए ऐसे दुर्गम रास्ते पर ट्रैक्टर के सहारे पीड़ित परिवार के पास सूचना पर पहुंचे जिले के संवेदनशील डिंडोरी एसडीएम रामबाबू देवांगन।
उल्टी दस्त में अब वन ग्रामों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को उल्टी दस्त से जिले के समनापुर विकासखण्ड अंतर्गत बैगा बाहुल्य वन ग्राम झीलन में बैगा परिवार के मां बेटा की संक्रमण से मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। बताया गया है कि माँ बनिहारीन बाई बैगा पति चैन सिंह 70 साल की रविवार की सुबह 11 बजे मौत हुई थी। इसके चार घण्टे के बाद बेटा बृज लाल बैगा पिता चैन सिंह 45 साल ने भी रविवार दोपहर 3 बजे दम तोड़ दिया।

वन ग्राम झीलन के संगला टोला में संक्रमण से मौत की खबर के बाद मंगलवार को एसडीएम डिंडोरी रामबाबू देवांगन और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। जहां घर घर स्क्रीनिंग करके संभावित संक्रमितों की तलाश की गई और परिवारों को चिंहित करके प्राथमिक उपचार किया गया। इस दौरान तीन संक्रमितों को क्वारंटीन किया गया है।जबकि एक बैगा महिला की हालत ज्यादा खराब होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा कंहारी में भर्ती कराया गया है।कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने भी गांव में पहुंच पानी की सेंपलिंग शुरू कर दी है और जल स्त्रोतों के आसपास छिड़काव शुरू कर दिया है।
बताया गया है कि संगला टोला में निवासरत बैगा परिवार बस्ती में ही स्थित नलकूप के पानी का सेवन करते हैं।लेकिन दो लोगों की मौत के बाद बस्ती वाले खौफ के कारण नलकूप के पानी के सेवन से दूरी बना चुके हैं।
कच्चा और कीचड़ भरा रास्ता,एसडीएम ने लिया ट्रैक्टर का सहारा
बैगा परिवार के दो सदस्यों की संक्रमण से मौत की सूचना दो दिन बाद मिलने के बाद मंगलवार को एसडीएम रामबाबू देवांगन के नेतृत्व में टीम झीलन पहुंची। टीम को गांव तक पहुंचने के लिये ट्रेक्टर का सहारा लेना पड़ा। दुर्गम,पहाड़ी और जंगली रास्ते पर बारिश और कीचड़ होने के चलते वाहन नहीं पहुंच सके। लिहाजा ग्राम पंचायत गौरा कंहारी सरपंच सुक्कल धुर्वे अपने ट्रेक्टर में टीम को झीलन गांव तक लेकर गये।