सेवाजोहार (डिंडोरी):- सरस्वती विद्यालय डिंडौरी के कक्षा 11वी एवं 12वीं कृषि विज्ञान के विद्यार्थियों ने कृषि विज्ञान केंद्र डिंडोरी का भ्रमण किया। जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र जाकर विद्यार्थियों ने आधुनिक कृषि के तरीके जाने। कार्यक्रम डॉ पी.एल अम्बूलकर के मार्गदर्शन एवं डॉ. गीता सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। डॉक्टर पी एल अंबुलकर ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी। डॉक्टर गीता सिंह ने प्री एग्रीकल्चर टेस्ट की तैयारी हेतु आवश्यक दिशा प्रदान किए ।वर्तमान में आईसीएआर पूसा नई दिल्ली एवं पीएटी के माध्यम बी एस सी कृषि में प्रवेश परीक्षा में प्राप्त मैरिट अनुसार चयन होता है। कृषि विज्ञान में वर्तमान में अनेक अवसर प्राप्त होते हैं, जिसमे कृषि वैज्ञानिक, कृषि अनुसंधान, महाविद्यालय में शिक्षक ,बैंक अधिकारी, मल्टीनेशनल कंपनी में भी अच्छे पैकेज में जॉब उपलब्ध है। कृषि विज्ञान का अध्ययन करके आधुनिक खेती करके सफल किसान बन सकते हैं। अवधेश कुमार पटेल ने बीजों के प्रकार एवं सर्टिफाइड बीजों की उपयोगिता बताई। विद्यार्थियों ने टेक्निकल पार्क जाकर सब्जियों की नई किस्म धनिया सिम्बा, मैथी गोल्डन पर्ल, टमाटर काशी आदर्श एवं बैगन काशी उत्सव की नर्सरी को देखा एवं प्रति एकड़ उत्पादन को जाना। श्वेता मसराम ने विद्यार्थियों को उर्वरकों के उपयोग एवं प्रत्येक 3 वर्ष में मिट्टी की जाँच को अनिवार्य कराने के विषय में बताया गया। सरस्वती विद्यालय के लगभग 33 विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण करा कर कृषि के व्यवहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव, बी एस सी कृषि के छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हुआ साथ ही सरस्वती विद्यालय की प्रधान आचार्य संतोषी सोनी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ एवं शिक्षक सृजल गोस्वामी एवं आशीष बर्मन की सहभागिता रही। सभी को कृषि तकनीकी समाचार पत्र जवाहर कृषि संदेश प्रदान किया गया।