स्वास्थ्य विभाग की टीम के बीच इलाजरत महिला यशोदा
सेवाजोहार (डिंडोरी):- स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आमजन के मन में उत्पन्न विरोधाभास के मध्य डिंडोरी जिला के जिला चिकित्सालय में समस्त बाधाओं,असहयोग और आशंकाओं को पृथक रखकर निःस्वर्थ भाव से प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवा प्रेरणादायी है।इससे रोगी के साथ साथ आमजन में भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अवश्य ही विश्वास पैदा होगा।
दिनांक 26/12/2024 को सुबह 10:15 पर श्रीमती यशोदाबाई (माह गर्भवती पति प्रवीण उम्र 29 वर्ष निवासी जोगीरिकरिया,डिंडोरी को अचानक अत्यधिक रक्त स्त्राव होने के कारण वह इलाज हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती हुई जहां पर जांच में पाया गया कि महिला का प्लासेन्टा (कनेरी) समय से पूर्व ही बच्चेदानी से पृथक हो गया है जिसके कारण ही महिला को अत्यधिक रक्तस्त्राव हो रहा है, व अपरिपक्व गर्भस्थ शिशु पेट में ही शांत हो गया है साथ ही पाया गया की महिला का हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम है व रक्तचाप 70/40 था जो यह दर्शाता है कि महिला शॉक(रक्तस्त्राव सदमा) में है तुरंत कोई कदम ना उठाने की दशा में महिला की मृत्यु भी हो सकती है अतः ड्यूटी पर उपस्थित डॉ अरुणेन्द्र मूर्ति गौतम (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने तुरंत महिला को ब्लड व तरल लगाने के आदेश दिए साथ ही अन्य जरूरी दवाएं देते हुए महिला को जबलपुर मेडिकल भेजने का निर्णय लिया, परंतु 108 को कॉल करने पर पता चला कि सारी एंबुलेंस अभी व्यस्त है और गाड़ी आने में कम से कम 1 घंटे का समय लगेगा अतः तुरंत ही डॉ गौतम द्वारा यह सूचना सिविल सर्जन डॉ अजय राज से साझा की गई और उन्होंने बिना देरी किए हुए बेहोशी के डॉक्टर डॉ दिलीप रंगारे जी से बात की और ऑपरेशन करने हेतु निर्देशित किया चुकीं यह ऑपरेशन अत्यंत जोखिम भरा था इसलिए डॉ रंगारे द्वारा महिला के परिजनों को यथास्थिति समझाई व यह बताकर कि मरीज की मृत्यु ऑपरेशन के दौरान भी हो सकती है उनसे लिखित सहमति में हस्ताक्षर लिए व तत्पश्चात दिनांक 26/12/2024 को ही दोपहर 12 बजे पूरी टीम के द्वारा महिला का सफल ऑपरेशन किया गया जिसमे महिला की जान बचा ली गई (980 ग्राम के मृत बच्चे ने जन्म लिया) परंतु ऑपरेशन होते तक काफी खून बह चुका था व जांच में मात्र 5 ग्राम खून आया अतः महिला को और 3 यूनिट ब्लड इलाज के दौरान लगाया गया। ज्ञात हो कि महिला को सारी दवाएं ब्लड व ऑपरेशन निःशुल्क शासन की योजनाओं के तहत किया गया। आज दिनांक 31/12/2024 को महिला को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है और महिला पूर्ण रूप से स्वास्थ्य है साथ ही महिला काफी खुश है कि नया साल अपने परिजनों के साथ घर में मनाएगी। डॉ अरुणेन्द्र मूर्ति गौतम की दृढ़ इच्छाशक्ति एवं संकल्प व अस्पताल प्रशासन के सहयोग ने बह कर दिखाया जो कि उपयुक्त संसाधनों से मुक्त चिकित्सा संस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था।