सेवाजोहार (डिंडोरी):– मध्यप्रदेश में सभी जिलों के जिलाध्यक्ष बनाए जाने हैं। लेकिन पेच बहुत गंदा फसा होने से नामों की घोषणा में लगातार देरी हो रही हैं। माना जा रहा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए सभी अपने चहेतों का नाम फाइनल करवाने में डटे हुए है इनमें संगठन,संघ,विधायक और सांसद का दबाव भी हैं। मध्यप्रदेश के सभी बड़े महानगरों खासकर भोपाल,जबलपुर,ग्वालियर सहित अन्य बड़े जिलों में जिलाध्यक्ष अपनी पसंद का चाह रहे है। यही बड़ी वजह है कि मप्र भाजपा कार्यालय भोपाल से नामो की सूची दिल्ली पहुँचने के बाद भी जिलाध्यक्षो के नाम पर मंथन जारी है।
आदिवासी जिला डिंडोरी और मंडला में कौन ?
पहले बात कर ले डिंडोरी जिला की तो यहाँ 16 दिसंबर 2024 से नामों पर रायशुमारी शुरू हुईं जिनमें प्रमुख नाम नरेंद्र राजपूत,संजय साहू,दिलीप ताम्रकार,अवधराज बिलैया,सुधीर दत्त तिवारी,अनुराग गुप्ता,कृष्ण कुमार मिश्रा,राजकुमार मोंगरे वही आदिवासी चेहरों में जय सिंह मरावी,महेश धूमकेति और चमरू सिंह नेताम साथ ही महिला नामो में कीर्ति गुप्ता,ज्योतिप्रकाश धुर्वे,नरबदिया मरकाम शामिल रहे। इन सभी में संघ की पसंद,संगठन की पसंद,विधायक शहपुरा की पसंद और सांसद की पसंद कौन कौन हैं यह तो भीतर खाने के लोगो को पता है लेकिन साल 2025 की शुरुआत होते होते अचानक से OBC और जनरल वर्ग को छोड़ भोपाल और दिल्ली में अचानक से नाम आदिवासी चलने लगा जिनमें चमरू सिंह नेताम और जयसिंह मरावी है। अब ये नाम कैसे और कौन चला रहा है जिन्हें सार्वजनिक रूप से बधाइयां भी मिल रही है यह तो पता नही पर सूत्रों की माने तो पार्टी के भीतर खाने में हवा तेज चलते ही बातें जो बाहर निकल कर सामने आई है उनमें चमरू सिंह नेताम का नाम सबसे आगे हैं। यह नाम किसकी पसंद का है कौन भोपाल से दिल्ली और दिल्ली से डिंडोरी तक हवा दे गया इस राज का पता लगाने में सभी जुटे है।
वही बात अगर मंडला जिले की करें तो वहाँ प्रफुल्ल मिश्रा,शैलेश मिश्रा,जय दत्त झा,नीरज मरकाम,सुधीर कसार ,शशि पटेल,सहित कई नाम गए हैं लेकिन अंतिम मुहर जिस पर लगनी थी लग चुकी है और उन्हें बधाई भी मिलने लगी हैं। अब आप कहेंगे कि नाम क्या है तो बता दे कि वरिष्ठ और कार्य क्षमता में सबसे आगे व्यक्ति को प्राथमिकता इस बार मिल रही हैं। हालांकि मंडला सांसद की मंडला जिलाध्यक्ष को लेकर पसंद कौन है यह तो वे दिल्ली में जाहिर कर चुके हैं लेकिन जब नाम फाइनल हो तभी कुछ कहा जा सकता है।
तब तक के लिए बने रहिए सेवाजोहार मप्र/छग के साथ।