अधिवक्ता सम्यक जैन और मनन अग्रवाल के प्रयासों से रुकी थी पेड़ों की कटाई — वही मंडला के समाजसेवी गफ्फार कुरैशी ने भी लगाई थी याचिका : अब राज्यमंत्री के भूमिपूजन से फिर खड़ा हुआ विवाद।
सेवाजोहार (डेस्क):- मंडला नगर के उद्यानिकी विभाग परिसर में लगे हजारों पेड़ों को बचाने के लिए नगरवासियों द्वारा वर्षों से चलाया गया जनआंदोलन अब एक बार फिर नए खतरे के मुहाने पर खड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 29 अक्टूबर को मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा उक्त स्थल पर बनने वाले नवीन कलेक्ट्रेट भवन का भूमि पूजन किया जाना प्रस्तावित है।
यह वही स्थान है जहाँ पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट भवन निर्माण हेतु पेड़ों की कटाई की तैयारी की गई थी, जिसका स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने पुरजोर विरोध किया था।
इस महत्वपूर्ण जनहित विषय को प्रारंभ से ही अधिवक्ता सम्यक जैन एवं अधिवक्ता मनन अग्रवाल द्वारा उठाया गया था, जिन्होंने इस प्रकरण में न केवल लिखित आपत्तियाँ प्रस्तुत कीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इसे न्यायिक स्तर तक पहुँचाने का कार्य किया। वही मंडला के समाजसेवी अब्दुल गफ्फार कुरैशी ने भी हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने जांच के निर्देश जारी किए तथा जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी।
यह मामला आगे माननीय उच्चतम न्यायालय तक पहुँचा, जहाँ से स्पष्ट आदेश दिए गए कि न्यायालय की अनुमति के बिना किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की जाएगी।
इसके बावजूद अब भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रशासनिक गंभीरता और न्यायालयीय आदेशों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
हमारा मंत्री जी एवं मंडला प्रशासन से निवेदन है कि जनभावनाओं, पर्यावरणीय संतुलन और न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए उक्त भूमिपूजन कार्यक्रम को निरस्त किया जाए।
जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि —
“उद्यानिकी को उजाड़ने नहीं देंगे, और एक भी पेड़ नहीं कटने देंगे।”