सेवाजोहार (डिंडोरी):- आगामी मानसून को देखते हुए जिले में बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने गुरुवार को नर्मदागंज स्थित मां नर्मदा डेम घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान होमगार्ड विभाग द्वारा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, जनसंपर्क अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने बाढ़ एवं आपदा की स्थिति में उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक उपकरणों का निरीक्षण करते हुए उनकी कार्यक्षमता का परीक्षण कराया। इनमें मड पंप, डीप डाइविंग सेट, रबर बोट, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम), लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, स्ट्रेचर, टॉवर लाइट, चेन सॉ, हैमर ड्रिल मशीन, गैस मास्क, बीए सेट सहित अन्य आवश्यक संसाधन शामिल रहे। अधिकारियों एवं जवानों ने उपकरणों का संचालन कर उनकी उपयोगिता और तैयारियों की जानकारी दी।

होमगार्ड प्लाटून कमांडर शिवराज पंद्रे ने आपदा प्रबंधन की संपूर्ण कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा आपदा पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य तथा आपदा के बाद पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान जवानों को आगजनी की घटनाओं से निपटने, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीपीआर, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों तथा राहत शिविरों के चयन एवं संचालन की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान होमगार्ड जवानों ने नर्मदा डेम घाट में तैराकी कर जल बचाव अभियान का जीवंत प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह दर्शाया गया कि बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में फंसे लोगों को किस प्रकार सुरक्षित बाहर निकाला जाता है और राहत कार्य किस तरह संचालित किए जाते हैं। इस प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने होमगार्ड विभाग को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आवश्यक अतिरिक्त उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही भोपाल को मांगपत्र भेजा जाए। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि बाढ़ एवं अन्य आपदाओं से बचाव संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए होमगार्ड कार्यालय अथवा नर्मदा डेम घाट पर तैनात जवानों से संपर्क करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि मानसून के दौरान सतर्कता, समय पर सूचना और प्रशिक्षित बचाव दल ही किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रशासन जिले में संभावित बाढ़ एवं आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।