सेवाजोहार (डिंडोरी):- कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के मार्गदर्शन में डिंडौरी जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर सभी वयस्क नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से शपथ ली गई कि वे अपने परिवार एवं समाज में कभी भी बाल विवाह का आयोजन या समर्थन नहीं करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान किशोरी बालिकाओं ने रंगोली, मेहंदी, नारा लेखन, पोस्टर निर्माण एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि —
“बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, शिक्षा ही इसका समाधान है।”
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी और बताया कि बाल विवाह करवाने वाले, भाग लेने वाले अथवा इसमें सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि किसी क्षेत्र में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होती है, तो तुरंत इसकी जानकारी निम्न माध्यमों पर दी जा सकती है —
📞 वन स्टॉप सेंटर हेल्पलाइन – 181
📞 चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
📞 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी या महिला एवं बाल विकास विभाग
इस अभियान में ग्रामवासी, अभिभावक, किशोर-किशोरियाँ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए। पूरे जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर दीवार लेखन, रैलियाँ, समूह चर्चा एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग, डिंडौरी की इस पहल का उद्देश्य समाज में यह संदेश फैलाना है कि —
“शिक्षा से बढ़े सम्मान, बाल विवाह पर लगे विराम।”
इस जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से डिंडौरी जिले ने बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में एक और सशक्त कदम आगे बढ़ाया है।