जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक संपन्न — कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्यवाही
सेवाजोहार (डिंडोरी):- कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री (सिविल व मैकेनिकल), चिन्हित 48 ग्रामों की नल-जल योजनाओं के निरीक्षणकर्ता अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण 48 नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को 30 नवम्बर 2025 तक पूर्ण किया जाए। निरीक्षणकर्ताओं को अपने-अपने ग्रामों की वास्तविक भौतिक प्रगति का पुनः निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय अधिकारियों और निरीक्षण टीमों को संयुक्त भ्रमण करने के लिए भी कहा गया।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार द्वारा सहयोग नहीं किया गया, तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिन ठेकेदारों के कार्य अधूरे हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, अन्यथा उनके अनुबंध निरस्त कर काली सूची में नाम दर्ज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कार्य अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्रामों में विद्युत आपूर्ति की समस्या के कारण नल-जल प्रदाय प्रभावित हो रहा है, उन ग्रामों की सूची तत्काल प्रस्तुत की जाए। वहीं 140 पुनरीक्षित नल-जल योजनाओं की कार्य प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पुनरीक्षित कार्यों में विलंब पर संविदाकार सुरेंद्र प्रसाद ओझा एवं मनेंद्र कुमार को नोटिस जारी करने, तथा कार्य पूर्णता की तिथि का उल्लेख करते हुए शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। समय पर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में अनुबंध निरस्त करने और ब्लेक् लिस्ट की चेतावनी दी गई।
कलेक्टर ने कहा कि जिन यंत्रिकी, सहायक यंत्रिकी, कर्मचारी, अधिकारी के द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही उनका वेतन का आहरण न किया जाए, जब तक कार्य पूर्ण न हो।
कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन एक प्राथमिकता वाला जनकल्याणकारी योजना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्णता सुनिश्चित की जाए। जिन अधिकारियों के द्वारा यंत्री, सहायक यंत्री के द्वारा लापरवाही एंव कार्य में ध्यान न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अंत मे पीएचई अधिकारी को सख्त निर्देश दिए है की दो दिवस के अंदर पूर्ण होने वाली नल-जल योजनाओं और विलंब से पूर्ण होने वाली योजनाओं की सूची प्रस्तुत की जाए।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यंत्री अफजल इमामउल्ला, यंत्रिकी मनोज उपाध्याय, एसडीओ आरईएस वीरसिह तिलगाम, एसडीओ आरईएस कशिश नायक, इंजीनियर, सबइंजीनियर, संविदाकार सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।