सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिले के उपार्जन केंद्र प्रभारियों के द्वारा उपार्जन में आ रही समस्याओं के बारे में जिला प्रशासन को 21 नवंबर को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था जिसका निराकरण आज दिनांक तक जिला प्रशासन के द्वारा नहीं किया गया है। आ रही निम्न समस्याओं को एक बार पुनः आपके संज्ञान में लाना चाहते है:-
1. सर्वेयर उपार्जन के द्वारा गोदाम स्तरीय में तो सर्वेयर उपलब्ध होता है परन्तु मैदानी स्तरीय खरीदी में सर्वेयर उपलब्ध नहीं होते है, जिससे उपार्जित मात्रा को गोदाम में आने के बाद नॉन एफ.ए. क्यू कर दिया जाता है जिससे किसानों को भुगतान होने में समस्या उत्पन्न होती है एवं नॉन एफ.ए. क्यू. के ट्रेक वापस केन्द्र पर ले जाते है जिसका भाडा उपार्जन केन्द्र को भुगतान करना पडता है जिससे समिति को आर्थिक हानि उठानी पडती है।
2. जिले में खरीदी केन्द्र में जो वारदाना पहुंचाये जाते है उसमें पूर्ण 40.600 ग्राम वजन नही आता है जिससे अन्य वारदाना में भरना पडता है जो वारदाना अलग से उपयोग किया जाता है उसको नॉन के द्वारा गिनती नहीं की जाती है और जिसकी राशि भी कटौती की जाती है, जिससे समिति को आर्थिक हानि उठानी पडती है।
3. जिले में उपार्जित मात्रा को 72 घंटे के अंदर परिवहन करना होता है परन्तु परिवहनकर्ता द्वारा उपार्जित मात्रा को 8-10 दिन बाद परिवहन किया जाता है जिससे धान में सुखत आती है जिससे घटी जैसे- समस्या उत्पन्न होती है जिससे समितियां ब्लेकलिस्टेट होती जा रही है जिससे समिति को आर्थिक हानि उठानी पडती है।
4. जिले में उर्पाजन के दौरान मजदूरों की अत्याधिक समस्या होती है क्योंकि नागरिक आपूर्ति निगम से मिलनी वाली राशि लोडिंग व्यय, हेण्डलिंग चालान एवं प्रासंगिक व्यय राशि की दो गुनी राशि वहन करना पडता है जिससे समिति को आर्थिक हानि होती है इसलिए लोडिंग व्यय और प्रासंगिक, गोदम स्तरीय व्यय के दरों में वृद्धि करने का कष्ट करें।
5. गोदाम स्तरीय उपार्जन के दौरान प्रथम तौल कृषक समिति प्रतिनिधि एवं गोदाम प्रतिनिधि के समक्ष इलेक्ट्रानिक काटा में तौल कराया जाता है तत्पश्चात गोदाम
संचाल के द्वारा गोदाम में स्टेकिंग कराते समय गोदाम संचालक के द्वारा हाथ काटा या धर्मकाटा से पुनः तौल कराया जाता है जिससे समिति को आर्थिक हानि उठानी पडती है।
6. जिले में उपार्जन के दौरान उर्पाजन केन्द्रो में किसानों के द्वारा केन्द्र प्रभारी एवं ऑरेटर के साथ गाली गलौज, मारपीट जैसे अप्रिय घटना घटती है तो जिले के समस्त उपार्जन केन्द्र अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिये जायेगें जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
उपार्जन केंद्र प्रभारियों ने उक्त समस्याओं को देखते हुये अतिशीघ्र निराकरणक करने की मांग की हैं ।जिससे समय पर उपार्जन का कार्य समयावधि पर सफलता पूर्वक पूर्ण कर सके।