सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिले में मनरेगा कार्यों में आ रही बाधाओं और मजदूरों को समय पर रोजगार न मिलने के मुद्दे को लेकर मप्र की विधानसभा में कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम द्वारा जोरदार तरीके से आवाज उठाए जाने के बाद राज्य स्तर पर हलचल तेज हुई है। इसी क्रम में म.प्र. मनरेगा आयुक्त अवी प्रसाद मंगलवार को डिंडोरी पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों एवं सरपंचों के साथ विस्तृत चर्चा की।
कांग्रेस विधायक मरकाम ने विधानसभा के सत्र के दौरान मनरेगा में कार्यों की कमी, मजदूरों के पलायन और पात्र मजदूरों को रोजगार उपलब्ध न कराने के मुद्दे पर धरना दिया था। उनकी इस कठोर पहल के बाद आयुक्त ने स्वयं जिले का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की।
डिंडोरी पहुंचकर आयुक्त अवी प्रसाद ने क्षेत्र के विधायक, जिला पंचायत अधिकारियों व उपस्थित सरपंचों से मुलाकात की और मनरेगा अंतर्गत लंबित कार्यों, मजदूरों की मांग एवं रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सभी मुद्दों के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।
विधायक ओमकार मरकाम ने आयुक्त से आग्रह किया कि—
हर वर्ष जिले के हक का करोड़ों रुपए लेप्स हो जाता है, जिससे गरीब मजदूरों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित होता है।
मार्च से पहले सभी आवश्यक मनरेगा कार्यों की स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि मजदूरों को समय पर मजदूरी प्राप्त हो सके।
जिले की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मनरेगा के कार्यों में अधिक लचीलापन और त्वरित स्वीकृति प्रदान की जाए।
विधायक की बातों पर सहमति जताते हुए आयुक्त प्रसाद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को अधिकतम रोजगार दिलाना प्राथमिकता है और जिले के लिए आवश्यक स्वीकृतियों को जल्द जारी करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिले की समस्याओं को शासन स्तर पर गंभीरता से रखा जाएगा।
बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपांशु चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।