सेवाजोहार (डिंडोरी):– शुक्रवार को जिले के एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन की अध्यक्षता में जनपद पंचायत बजाग में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों के निराकरण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की समीक्षा की गई।
एसडीएम रामबाबू देवांगन ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने, पारदर्शिता बनाए रखने एवं फील्ड विजिट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित से जुड़े कार्यों में गति लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मनरेगा समीक्षा में सामने आईं अनियमितताएँ
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की लेबर बजट उपलब्धि, श्रमिक नियोजन एवं कार्य पूर्णता की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताएँ पाई गईं। लगातार समीक्षा—चाहे समक्ष या व्हाट्सऐप के माध्यम से—के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं किया गया।
स्थिति को गंभीर मानते हुए निम्न सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को कारण-बताओ नोटिस जारी किए गए—
- ग्राम पंचायत पड़रिया डोंगरी – सचिव अमर सिंह धुर्वे, रोजगार सहायक शंकर लाल यादव
- ग्राम पंचायत पिण्डरूखी – सचिव रजनी परस्ते, रोजगार सहायक सुशील राजपूत
- ग्राम पंचायत शोभापुर – सचिव इन्द्रसेन सारीवान, रोजगार सहायक मुनीन्द्र दास पारस
- ग्राम पंचायत बजाग – सचिव सुखराम उईके, रोजगार सहायक उमेश दास कुलदीप
- ग्राम पंचायत भानपुर – सचिव महेन्द्र दास बघेल, रोजगार सहायक अमृत दास पडवार
- ग्राम पंचायत बछरगांव – सचिव जगत सिंह श्याम, रोजगार सहायक शैलेन्द्र मार्को
- ग्राम पंचायत पिपरिया – सचिव सुरेन्द्र मार्को, रोजगार सहायक विजय सिंह मरावी
- ग्राम पंचायत मझियाखार – सचिव उमेश साहू, रोजगार सहायक धनीराम खण्डे
- ग्राम पंचायत सुनपुरी – रोजगार सहायक बजरंग सिंह उरैती
समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जो पंचायत सेवा नियमों एवं मनरेगा योजना के प्रावधानों के प्रतिकूल है।
जनपद पंचायत द्वारा सभी संबंधित ग्राम रोजगार सहायकों को 3 दिवस के भीतर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।