सेवाजोहार (डिंडोरी):- सर्दियों की कड़ाके की ठंड जब इंसानों को अलाव और धूप की ओर खींच लेती है, उसी वक्त मध्यप्रदेश के मंडला जिले में प्रकृति एक अनोखा दृश्य रचती है। चट्टानों की ऊपरी सतह पर धूप सेंकते विशालकाय अजगर—यह नज़ारा है अजगर दादर का, जो ठंड के दिनों में वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है।हालांकि अजगरों की इस बस्ती में संख्या कितनी हैं इसका आंकलन आज तक नहीं लगाया जा सका हैं और न ही चट्टानों की खोह पर कोई जा सका हैं।
ठंड में धूप, अजगरों की जीवनरेखा
अजगर शीत-रक्तीय जीव होते हैं, जिनके शरीर का तापमान वातावरण पर निर्भर करता है। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए वे चट्टानों की ऊपरी सतह पर निकलकर धूप तापते हैं। यही कारण है कि ठंड बढ़ते ही अजगर दादर की चट्टानों पर एक साथ कई-कई अजगर दिखाई देने लगते हैं।
कहाँ स्थित है अजगर दादर
मप्र के आदिवासी मंडला जिला के अजगर दादर क्षेत्र वन विभाग के अधीनस्थ क्षेत्र में आता है और यह ग्राम ककैया के नजदीक स्थित है। इसकी भौगोलिक संरचना इसे अजगरों के लिए आदर्श बनाती है।
- ऊपरी सतह पर चट्टानें और घना जंगल फैला हुआ है
- निचली सतह पर चट्टानों की गहरी खोह मौजूद है,
जहाँ अजगरों का सुरक्षित प्राकृतिक रहवास है।
चट्टानों की खोह में सुरक्षित संसार
अजगर दादर की चट्टानों की दरारें और खोह अजगरों को न केवल ठंड से बचाव देती हैं, बल्कि उन्हें प्राकृतिक शत्रुओं से भी सुरक्षा प्रदान करती हैं। दिन में धूप सेंकने के बाद अजगर पुनः इन्हीं खोहों में लौट जाते हैं, जहाँ उनका सुरक्षित बसेरा है।
पर्यटकों के लिए आकर्षण
ठंड के मौसम में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान जाने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में अजगर दादर का रुख करते हैं। यहाँ बिना किसी कृत्रिम व्यवस्था के, प्राकृतिक अवस्था में विशाल अजगरों को देखना एक दुर्लभ अनुभव होता है। हालांकि वन विभाग द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
जैव विविधता और संरक्षण का संदेश
अजगर दादर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। यह क्षेत्र दर्शाता है कि यदि प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहें, तो वन्यजीव स्वयं संतुलन बनाए रखते हैं।
प्रकृति की अनकही कहानी
सर्दियों की सुनहरी धूप में चट्टानों पर पसरे विशाल अजगर, जंगल की खामोशी और प्राकृतिक संतुलन—अजगर दादर प्रकृति की उस कहानी को बयां करता है, जिसे शब्दों से ज्यादा अनुभव से समझा जा सकता है।
अजगर दादर, मंडला जिले की वह धरोहर है जहाँ ठंड में भी जीवन धूप तलाश लेता है।