✍️ दीपक ताम्रकार की कलम से
सेवाजोहार (डिंडोरी) :- जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी के डिंडोरी आगमन को लेकर यूथ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन और काले झंडे दिखाने की पूरी रणनीति तैयार कर रखी थी, लेकिन कड़ी पुलिस व्यवस्था और सतर्कता के चलते यूथ कांग्रेस का यह प्रयास पूरी तरह विफल हो गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी सड़क मार्ग से डिंडोरी पहुंचीं। उन्होंने जोगी टिकरिया स्थित मां नर्मदा घाट पर नर्मदा पूजन किया, इसके बाद सीधे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचीं। यहां जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम सहित पार्टी पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

छावनी में तब्दील हुआ जिला मुख्यालय
प्रभारी मंत्री के आगमन को देखते हुए डिंडोरी जिला मुख्यालय को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कांग्रेस और यूथ कांग्रेस से जुड़े नेताओं के घरों के बाहर, प्रमुख चौक-चौराहों पर, कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालात ऐसे थे मानो किसी वीआईपी नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियां हों।
पुलिस प्रशासन मंत्री के विरोध की किसी भी संभावना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आया। हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखी जा रही थी, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता खुलकर विरोध नहीं कर सके।

रेकी के बावजूद नहीं हो सका विरोध
जब प्रभारी मंत्री दोपहर में प्रेस वार्ता के लिए रेस्ट हाउस से कलेक्ट्रेट रवाना हुईं, तब कांग्रेस नेताओं ने पहले से रेकी कर रखी थी। बावजूद इसके, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण काले झंडे दिखाने का प्रयास नाकाम रहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री करीब एक से डेढ़ घंटे तक मौजूद रहीं। इस दौरान पत्रकारों ने नगर और जिले से जुड़े विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछे, जिनका मंत्री ने जवाब दिया। इसके बाद मंत्री दोबारा भोजन के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस लौट गईं।
पुलिस की रणनीति में उलझी यूथ कांग्रेस
इधर यूथ कांग्रेस लगातार अपने सूत्रों के माध्यम से मंत्री की लोकेशन और रवानगी की जानकारी जुटाने में लगी रही, लेकिन डिंडोरी पुलिस इस मामले में दो कदम आगे निकली। पुलिस ने मंत्री की मूवमेंट को लेकर यूथ कांग्रेस नेताओं को भ्रम की स्थिति में बनाए रखा। मंत्री की सही लोकेशन को लेकर कन्फ्यूजन इतना बढ़ गया कि जब तक यूथ कांग्रेस के नेता सड़क तक पहुंच पाते, तब तक मंत्री का काफिला तेजी से नगर सीमा से बाहर निकल चुका था।
असफल रहा विरोध का प्रयास
काले झंडे दिखाने की कड़ी मशक्कत के बावजूद यूथ कांग्रेस के नेता मंत्री तक नहीं पहुंच सके और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस तरह प्रभारी मंत्री के खिलाफ किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन बिना शुरू हुए ही समाप्त हो गया और यूथ कांग्रेस की पूरी तैयारी पर पुलिस की रणनीति भारी पड़ गई।