Wednesday, January 14, 2026

गलती की सज़ा भी मिली, सुधरने का अवसर भी — निलंबित शिक्षक बहाल

सेवाजोहार (डिंडोरी):- निर्वाचन जैसे लोकतंत्र के सबसे पवित्र दायित्व में लापरवाही भारी पड़ती है, लेकिन संवेदनशील प्रशासन सुधार का अवसर देना भी जानता है। इसी मानवीय दृष्टिकोण के साथ निर्वाचक नामावली विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 (एसआईआर) के कार्य में लापरवाही के कारण निलंबित किए गए तीन शिक्षकों को पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया है।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 104 डिंडौरी के प्रतिवेदन के आधार पर जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई थी, उनमें  ब्रजमोहन वालरे (प्राथमिक शिक्षक, प्राथमिक शाला वनग्राम समरधा), मनीराम धुर्वे (प्राथमिक शिक्षक, प्राथमिक शाला अजगर, विकासखंड समनापुर) तथा  दरबारी सिंह परस्ते (सहायक अध्यापक, प्राथमिक शाला कबीर मय खुरखुरीदादर, विकासखंड करंजिया) शामिल हैं।

इन शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर प्रशासन ने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया। यह माना गया कि दायित्व में चूक हुई, किंतु पश्चाताप और सुधार की भावना को देखते हुए उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी के साथ निलंबन से मुक्त कर दिया गया। आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को उनके पूर्व पदस्थापना स्थल पर बहाल किया गया है।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि को सभी प्रयोजनों के लिए कर्तव्य काल माना जाएगा, जिससे उनके सेवाकाल पर कोई स्थायी आघात न पड़े।

प्रशासन ने दो टूक शब्दों में संदेश दिया है कि निर्वाचन कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। यह बहाली एक अवसर है, अंतिम चेतावनी है — भविष्य में यदि ऐसी चूक दोहराई गई तो कठोरतम कार्रवाई से कोई नहीं बच सकेगा।

यह निर्णय एक ओर जहां अनुशासन की सख्ती को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह भी बताता है कि व्यवस्था गलती करने वालों को सुधार का रास्ता दिखाना जानती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement
Market Updates
Rashifal
Live Cricket Score
Weather Forecast
Weather Data Source: Wettervorhersage 14 tage
Latest news
अन्य खबरे