ड्राई ज़ोन में एक बोतल शराब के विक्रय या परिवहन पर भी धारा 34(1) के तहत अजमानती अपराध बनाए जाने की प्रमुख मांग
सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिले के घोषित शुष्क (ड्राई) क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से अधिवक्ता अभिनव कटारे, सिविल कोर्ट डिंडोरी ने जिला दंडाधिकारी डिंडोरी तथा माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन को एक विस्तृत सुझावात्मक पत्र प्रेषित किया है।
पत्र में अधिवक्ता कटारे ने स्पष्ट किया है कि ड्राई ज़ोन घोषित होने के पश्चात यदि कोई व्यक्ति एक बोतल शराब का विक्रय या अवैध परिवहन करता हुआ भी पाया जाता है, तो उसे मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) के अंतर्गत अजमानती अपराध घोषित किया जाना चाहिए, जिससे कानून का वास्तविक भय स्थापित हो सके।
उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में धारा 34(1) जमानती होने के कारण आरोपी आसानी से रिहा हो जाते हैं और पुनः अवैध शराब कारोबार में संलिप्त हो जाते हैं, जिससे ड्राई ज़ोन नीति का उद्देश्य विफल हो रहा है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि अपराधी कानून की इसी कमजोरी का लाभ उठाकर शराब की छोटी-छोटी खेपों में ढुलाई कर रहे हैं, जिससे न तो अवैध तस्करी रुक पा रही है और न ही सामाजिक नियंत्रण स्थापित हो पा रहा है।
अधिवक्ता कटारे ने सुझाव दिया है कि ड्राई ज़ोन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान बनाकर धारा 34(1) को पूर्णतः अजमानती घोषित किया जाए, ताकि अवैध शराब के विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि बार-बार अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत निवारक कार्रवाई की जाए तथा अवैध शराब के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए वाहनों, नकदी एवं अन्य साधनों की जब्ती को प्राथमिकता दी जाए।
अधिवक्ता अभिनव कटारे ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि ड्राई ज़ोन नीति को वास्तविक रूप से लागू कराने, सामाजिक शांति बनाए रखने एवं शासन की मंशा को ज़मीन पर उतारने के उद्देश्य से की गई है।