नैनपुर से दीपक शर्मा की रिपोर्ट:-
सेवाजोहार (नैनपुर/मंडला) — मध्यप्रदेश के मंडला जिले से शाम एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। नैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोकीवाडा के पोषक ग्राम बर्रा टोला में एक घर में अचानक आग भड़क उठी। घर के भीतर अकेली मौजूद वृद्ध महिला राम गिरिजा पन्द्रो आग की लपटों में घिर गईं और पल भर में ज़िंदा जलकर राख में तब्दील हो गईं।
जब तक गांव वालों को कुछ समझ आता, आग सब कुछ निगल चुकी थी। चीख-पुकार मचती रही, लेकिन मां को बचाने वाला कोई नहीं था। मौके पर पहुंची एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड सिर्फ़ औपचारिकता निभा सकीं—क्योंकि मौत पहले ही अपना काम कर चुकी थी।
सबसे मार्मिक पहलू यह है कि हादसे के वक्त मृतका का एक बेटा जंगल में बकरी चराने गया हुआ था, जबकि उसके दो अन्य बेटे रोज़ी-रोटी की तलाश में बाहर मजदूरी कर रहे हैं। जिस मां ने पूरी ज़िंदगी बच्चों के लिए संघर्ष किया, वह अंतिम समय में घर में अकेली थी।
घटना की जानकारी मिलते ही मंडला विधायक एवं कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके को अवगत कराया गया। उन्होंने कलेक्टर सोमेश मिश्रा को पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मृतका का जला हुआ शव सिविल अस्पताल नैनपुर के डीप फ्रीजर में रखा गया है। बाहर गए बेटे गुरुवार को गांव लौटेंगे—लेकिन तब तक मां सिर्फ़ एक खामोश राख का ढेर रह जाएगी।
यह हादसा केवल एक आग की घटना नहीं, बल्कि गरीबी, अकेलेपन और लाचारी की जलती हुई तस्वीर है, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।