जनपद सीईओ से शिकायत, सरपंच–सचिव पर गंभीर आरोप
सेवाजोहार (डिंडोरी):-एक ओर सरकार गांवों के विकास के दावे कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताज़ा मामला जनपद पंचायत समनापुर की ग्राम पंचायत अतरिया (पो. चांदरानी) से सामने आया है, जहां पंचायत भवन के नाम पर 49 हजार रुपये की राशि निकाल ली गई, लेकिन भवन की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरपंच और पंचायत सचिव ने बिना ग्राम सभा की अनुमति और बिना किसी सूचना के पंचायत खाते से 49,000 रुपये निकाल लिए। यह राशि बिल क्रमांक 4734 के माध्यम से निकाली गई, लेकिन न तो कोई निर्माण कार्य नजर आ रहा है और न ही मरम्मत के कोई प्रमाण मौजूद हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पंचायत भवन के सुधार के नाम पर राशि निकाली गई, वह आज भी जर्जर अवस्था में खड़ा है। दीवारें टूटी हुई हैं, प्लास्टर उखड़ा पड़ा है और कहीं भी यह नहीं लगता कि यहां एक भी रुपये का काम कराया गया हो।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को पंचायत निधि की खुली लूट बताते हुए जनपद पंचायत समनापुर के सीईओ को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में मांग की गई है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी सरपंच एवं सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने जर्जर पंचायत भवन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की हैं, जो सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं। सवाल यह है कि—
49 हजार रुपये आखिर गए कहां?
बिना ग्राम सभा की सहमति राशि कैसे निकाली गई?
क्या पंचायतों में भ्रष्टाचार को खुली छूट मिल गई है?
अब देखने वाली बात यह होगी कि जनपद सीईओ इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।