सेवाजोहार (डिंडौरी) : नर्मद घाटी विकास विभाग द्वारा अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज की घोषणा की गई है। इसके तहत डूब क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि के लिए 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का न्यूनतम मुआवजा निर्धारित किया गया है।
यह निर्णय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष डिंडौरी में आयोजित दिशा समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद सामने आया। बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण डिंडौरी द्वारा परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
किसानों को मिलेंगे दो विकल्प
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार डूब क्षेत्र की निजी भूमि के अर्जन पर किसानों को निम्न में से जो अधिक हो, वह मुआवजा दिया जाएगा—
भू-अर्जन अधिनियम 2013 के तहत निर्धारित मुआवजा
या 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की एकमुश्त राशि
इसके अलावा—
कुआं : 2 लाख रुपये
ट्यूबवेल : 1 लाख रुपये
झोपड़ी, शेड एवं वृक्षों का मुआवजा नियमानुसार देय होगा।
पुनर्वास अनुदान की प्रमुख विशेषताएं
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को सुगम बनाने के लिए एकमुश्त अनुदान का प्रावधान किया गया है—
शहरी क्षेत्र (भूखंड मिलने पर) : 6.50 लाख रुपये
ग्रामीण क्षेत्र (भूखंड मिलने पर) : 7.00 लाख रुपये
भूखंड न लेने पर : 12.50 लाख रुपये का एकमुश्त पुनर्वास अनुदान
इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवारों को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
स्टाम्प व रजिस्ट्री शुल्क से राहत
विस्थापितों को बड़ी राहत देते हुए शासन ने स्पष्ट किया है कि आपसी सहमति से होने वाले भूमि अर्जन की रजिस्ट्री पर कोई स्टाम्प शुल्क या पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा। वेंडर सेवा शुल्क का भुगतान भी नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।
सहमति और पारदर्शिता पर जोर
यह विशेष पैकेज प्रभावित किसानों एवं परिवारों की लिखित सहमति से ही लागू होगा। जो परिवार इस पैकेज को स्वीकार नहीं करना चाहते, वे भू-अर्जन अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, जनपद अध्यक्ष आशा सिंह, रामप्रसाद तेकाम, हन्नू सिंह पट्टा, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।