सेवाजोहार (डिंडोरी) – जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना बांध से प्रभावित डूब क्षेत्र के आदिवासी किसानों ने कंपनी एवं ठेकेदार के कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। किसानों ने आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
डूब प्रभावित किसानों का आरोप है कि उनकी निजी भूमियों पर बिना सहमति और कानूनी प्रक्रिया के बलपूर्वक अधिग्रहण कर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। जबकि परियोजना से प्रभावित सभी ग्राम पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जहां ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य है।
ग्रामीणों ने बताया कि 7 जनवरी को ग्राम घुसिया के डिमरटोला में आयोजित विशेष ग्रामसभा में यह निर्णय लिया गया था कि ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा 7 दिवस के भीतर, अर्थात 22 जनवरी तक, निर्माण सामग्री हटाई जाएगी। बावजूद इसके अब तक सामग्री नहीं हटाई गई।
इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने कलेक्टर, एसडीएम एवं एसपी को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि धरना के दौरान ठेकेदार के कर्मी रविन्द्र तिवारी, राज शेखरन एवं कमलेश कुमार ने आदिवासी किसानों के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
इस घटना से आदिवासी समाज एवं डूब प्रभावित ग्रामों में भारी आक्रोश व्याप्त है। समस्त ग्रामवासियों ने शाहपुर थाना पहुंचकर तीनों कर्मियों के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।