सेवाजोहार (डिंडोरी):- आमजन की शिकायतों को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। सीएम हेल्पलाइन में खराब प्रदर्शन को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जल संसाधन विभाग पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक पाया गया। आंकड़ों के अनुसार जल संसाधन विभाग को मात्र 58.86 प्रतिशत वेटेज स्कोर मिला, जिसके चलते विभाग सीधे डी श्रेणी में पहुंच गया। यह स्थिति तब है, जब विभाग को कई बार समय-सीमा बैठकों में सुधार के निर्देश दिए जा चुके थे।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि शिकायतों के निराकरण में लगातार ढिलाई और उदासीनता बरती जा रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों की समस्याएं लंबित पड़ी हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित किसानों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यपालन यंत्री की कार्यप्रणाली पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न देने पर प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि सीएम हेल्पलाइन जैसे संवेदनशील मंच पर लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब प्राथमिकता केवल एक है—आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण। जो इसमें लापरवाही करेगा, उस पर कार्रवाई तय मानी जाए।