सेवाजोहार (डिंडोरी):- सामान्य वनमंडल डिंडोरी के अंतर्गत वनपरिक्षेत्र डिंडोरी में तीन जंगली हाथियों की आमद से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वर्तमान में ये हाथी कुई से होते हुए रामगुड़ा, त्यागपुर, सारसताल, गोपालपुर, बांसी देवरी, देवकरा एवं मिगड़ी के घने जंगलों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
हाथियों की सतत निगरानी, उनकी सुरक्षा तथा आमजन के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार सोलंकी एवं उपवनमंडल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह जाटव के निर्देशन में छह विशेष टीमें लगातार फील्ड में तैनात हैं। ये टीमें दिन-रात मॉनिटरिंग कर हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

जनसहभागिता को सुदृढ़ करने हेतु वन विभाग द्वारा हाथी मित्र दलों का गठन किया गया है, जिनमें स्थानीय ग्रामीणों एवं आमजन को सम्मिलित कर उनका सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। इन दलों के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की सतत निगरानी, समय पर सूचना का आदान-प्रदान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता सुनिश्चित की जा रही है।
आपातकालीन परिस्थितियों से त्वरित निपटान हेतु वन विभाग द्वारा रैपिड रिस्पॉन्स टीम का भी गठन किया गया है, जो किसी भी सूचना प्राप्त होते ही तत्काल स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करती है। हाथियों के विचरण क्षेत्र में जनसुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित क्षेत्रों में विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति एवं प्रकाश व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद करवाई जा रही, जिससे हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके तथा अनावश्यक भीड़ एवं जोखिम की स्थिति से बचा जा सके।
इसी क्रम में चिकित्सा विभाग से भी निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, घायल अथवा जनहानि की स्थिति में एम्बुलेंस एवं चिकित्सकीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा सके। यदि हाथियों द्वारा किसी भी प्रकार की फसल, मकान अथवा अन्य संपत्ति को क्षति पहुंचाई जाती है, तो राजस्व विभाग के समन्वय से त्वरित सर्वे एवं मुआवजा प्रकरण की कार्रवाई की जाएगी। इस संपूर्ण अभियान में वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग एवं चिकित्सा विभाग आपसी समन्वय एवं सहयोग से सतत कार्यरत हैं।
आमजन से अपील
समस्त नागरिकों से अपील है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी स्थिति में हाथियों के निकट न जाएं, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें तथा फोटो अथवा वीडियो लेने के उद्देश्य से अपनी जान को जोखिम में न डालें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।