Madhya Pradesh के Dindori में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में 14 मई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, सुझावों और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि विभाग से खरीफ सीजन के लिए मक्का, धान, अरहर, सोयाबीन, कोदो-कुटकी सहित अन्य बीजों की पर्याप्त उपलब्धता 15 जून तक सुनिश्चित करने और वर्षा पूर्व किसानों को वितरण कराने की मांग उठाई गई। किसानों ने धान और गेहूं उपार्जन सीमा बढ़ाने, सिंचित भूमि का सही गिरदावरी रिकॉर्ड दर्ज करने तथा फसल कटाई प्रयोगों में किसान संघ को शामिल करने की मांग भी रखी। खाद एवं उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और लंबित अनुदान राशि किसानों के खातों में जमा कराने की बात कही गई।
उद्यानिकी विभाग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए स्थाई ढांचों की संख्या बढ़ाने, कृषि उपकरणों की मूल्य विसंगतियों में सुधार तथा कृषक भ्रमण योजनाओं में पारदर्शिता लाने की मांग की गई। पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सालयों में दवाइयों की उपलब्धता और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विद्युत विभाग से कम वोल्टेज वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने, ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत लाइनों का सुधार करने, जले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने तथा किसानों को 5 रुपए में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। शहपुरा एवं मेंहदवानी क्षेत्र में बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई।
जल संसाधन विभाग के संबंध में किसानों ने जिले के बांधों और नहरों की समय पर मरम्मत, गेट सुधार तथा खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की। समनापुर, भाजीटोला, मोहदा और चैरा जलाशयों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
पीएचई विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन योजनाओं में गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायत करते हुए बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की जांच और सुधार की मांग की गई। सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग के संबंध में किसानों ने पासबुक प्रिंटिंग, ऋण जमा प्रक्रिया और नवीन लेम्पस संचालन में सुधार की आवश्यकता बताई।
राजस्व विभाग से गिरदावरी सुधार, सीमांकन, फौती नामांतरण, सार्वजनिक भूमि संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। किसानों ने खेतों के पारंपरिक रास्तों को नक्शों में दर्ज करने तथा राजस्व जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग रखी।
बैठक में वन विभाग से जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजा तथा फेंसिंग पर 80 प्रतिशत अनुदान देने की मांग की गई। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा रेट सूची नहीं लगाने और किसानों के शोषण का मुद्दा भी बैठक में उठा।
अन्य मांगों में कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने, सभी विभागीय कार्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा बिलगांव जलाशय परियोजना में ब्लास्टिंग से प्रभावित ग्रामीणों को क्षतिपूर्ति देने की मांग शामिल रही। किसानों ने यह भी मांग की कि भारतीय किसान संघ की बैठक प्रत्येक दो माह में नियमित रूप से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाए।
बैठक में कृषि उपसंचालक संजय जोशी, उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग एच.पी. शुक्ला, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, उपाध्यक्ष भानसिंह मरकाम, विपणन प्रमुख खिलपत सिंह गौतम, सदस्य खूबचंद साहू, डिंडौरी तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, बजाग तहसील अध्यक्ष आशाराम यादव, शहपुरा तहसील उपाध्यक्ष जगदीश साहू, सदस्य मटरू दादा, नंद किशोर झारिया, कार्यालय प्रमुख संतकुमार झारिया, द्वारका सिंह ठाकुर, कमलेश सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।