सेवाजोहार (डिंडोरी):- कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 68 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर प्रांयशी जैन, तहसीलदार शशांक शेंडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम चौबीसा और जरगुड़ा की महिलाएं पानी की समस्या को लेकर खाली बर्तन लेकर पहुंची थी,जिनकी समस्या कलेक्टर ने सुनी और मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश देकर समस्या दुरुस्त करने सख़्त निर्देश दिए। ऐसे ही ,भूमि विवाद, वन विभाग की कार्यवाही, लंबित वेतन, स्कूल भवन निर्माण, सड़क अतिक्रमण तथा शासकीय योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकरण सामने आए।
ग्राम गणेशपुर के 75 वर्षीय सीताराम उर्फ भूखा ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी निजी भूमि, जिसका मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, पर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की।
वहीं ग्राम कुकर्रामठ के ग्रामीणों ने भगवान ऋणमुक्तेश्वर मंदिर तक जाने वाले मार्ग से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग में झाड़ियां और पत्थर डाले जाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम भालापुरी (शिकारीटोला) के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला भवन के अभाव की गंभीर समस्या सामने रखते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से बच्चे अस्थायी छप्पर के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की।
जनसुनवाई में एक आवेदिका ने गौशाला एवं पशु शेड निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया, जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों ने कई महीनों से लंबित वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई।
इसके अलावा सुशीला बाई ने कर्मकल्याण योजना के तहत सहायता राशि दिलाने तथा किसान इतवारी ने करीब 30 वर्षों से काबिज वनभूमि का पट्टा प्रदान करने की मांग रखी।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता व निष्पक्षता अनिवार्य रूप से बनी रहे।