सेवाजोहार (डिंडोरी):- मध्यप्रदेश के आदिवासी जिला डिंडोरी में जब से EOW ने आमद दी हैं तब से कई विभागों के अधिकारियों की धड़कन बढ़ी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब EOW की नजर जिले के कृषि विभाग में पड़ गई हैं,कथित घोटाला करने वाला विभाग और उसके अधिकारियों की टेंशन स्वतः ही दिखाई देने लगी हैं। सूत्र बताते है कि जबलपुर EOW ने कुछ दिनों पूर्व कृषि विभाग के उपसंचालक को एक पत्र जारी कर कुछ बिंदुओं के मूल दस्तावेज मांगे हैं ,पत्र पाकर ही विभाग के अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे है। पत्र में उल्लेख है कि प्रकरण में टरफा योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में डिण्डौरी, समनापुर, अमरपुर, करंजिया, बजाग, शहपुरा ब्लॉक में किसानों के लिये प्रदाय किये गये चना एवं मसूर के संबंध में निम्न जानकारी की आवश्यकता है-
चना एवं मसूर बीज जिस फर्म से क्रय किये गये थे उक्त फर्म को दिये गये क्रय आदेश, भुगतान की मूल नस्ती। (पृथक पृथक ब्लॉक की जानकारी)
चना एवं मसूर बीज का इंद्राज जिस स्टॉक रजिस्टर में किया गया हो वह मूल स्टॉक रजिस्टर । (पृथक पृथक ब्लॉक की जानकारी)
टरफा योजना के अंतर्गत बीज वितरण तथा भुगतान किस किस अधिकारी द्वारा किया जाता था उसका मूल आदेश सेवा पुस्तिका की सत्यापित प्रति। (पृथक पृथक ब्लॉक की जानकारी)
समनापुर अमरपुर विकास खण्ड की एस.डी.ओ. द्वारा की गई जांच की सत्यापित रिपोर्ट मय दस्तावेजों के।
उपरोक्त चाही गई जानकारी एवं मूल दस्तावेज किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ते जप्ती कार्यवाही हेतु उपलब्ध करावें।हमारे सूत्र यह भी बताते है कि इस घोटाले में जो कृषि विभाग के अधिकारी रिटायर भी हो चुके है उनकी नींद भी गायब हैं,उन्हें दिन रात यही चिंता सता रही है कि बुढ़ापे में अगर आर्थिक अनियमितता की कारवाई शुरू होती है तो जिंदगी बदहाल हो जाएगी,बहरहाल अब देखना होगा कि कब तक कृषि विभाग द्वारा जबलपुर EOW को समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। इस बड़ी ख़बर पर पल पल की अपडेट आप तक सेवाजोहार पहुंचाता रहेगा।