नैनपुर से दीपक शर्मा की रिपोर्ट
सेवाजोहार (मंडला/नैनपुर):– इटका स्थित मुक्ति धाम तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। अंतिम यात्रा के दौरान शव लेकर जाने वाले परिजनों को इसी खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और भी खराब होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मुक्ति धाम जैसे संवेदनशील स्थल तक पहुंचने वाला मार्ग ऐसा होना चाहिए, जहां अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन इटका में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। जिस रास्ते से लोगों को अंतिम विदाई देने जाना पड़ता है, वही रास्ता व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है।
मुक्ति धाम के पास बनाए गए अमृत सरोवर के निर्माण कार्य को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और उपयोगिता का ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि विकास के नाम पर किया गया काम ही लोगों को शर्मिंदा करने लगे, तो ऐसे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार की योजनाओं में मुक्ति धामों का विकास भी प्राथमिकता में होना चाहिए। खासकर बारिश से पहले पहुंच मार्ग को दुरुस्त किया जाना जरूरी है, ताकि अंतिम यात्रा के दौरान मिट्टी और शव को ले जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
लोगों ने नगर पालिका परिषद नैनपुर से मांग की है कि मुक्ति धाम जैसे संवेदनशील स्थल को राजनीति और लापरवाही से दूर रखते हुए यहां ईमानदारी और गुणवत्ता के साथ विकास कार्य कराया जाए। आखिरकार, जीवन की अंतिम यात्रा हर व्यक्ति को करनी है—फिर क्यों न शहर के मुक्ति धामों तक पहुंचने वाला रास्ता सम्मानजनक और सुगम हो?