ग्राम चौपाल और सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि में गड़बड़ी का मामला, जिला पंचायत सीईओ के न्यायालय ने जारी किया वारंट
सेवाजोहार (डिंडोरी):– मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के तहत वित्तीय अनियमितता के मामले में ग्राम पंचायत रकरिया के पूर्व सरपंच शिवनंदन सिंह उईके के विरुद्ध 30 दिवस के कारावास का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी दिव्यांशु चौधरी के न्यायालय द्वारा जारी किया गया है।
निर्माण कार्य कराए बिना राशि आहरित करने का मामला
प्रकरण वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पोषक ग्राम सूरजपुरा में स्वीकृत ग्राम चौपाल और सामुदायिक शौचालय निर्माण से जुड़ा है। दोनों कार्यों के लिए 2-2 लाख 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत थी। आरोप है कि निर्माण कार्य कराए बिना ही कुल 5 लाख रुपये की राशि आहरित कर ली गई।
जांच के दौरान दोनों निर्माण कार्य मौके पर कराए बिना राशि निकाले जाने की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इसके बाद मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-89 के तहत देयता निर्धारित की गई।
राशि जमा नहीं करने पर बढ़ी कार्रवाई
प्रकरण में पूर्व सचिव द्वारा 2 लाख 50 हजार रुपये जमा किए जा चुके हैं, जबकि पूर्व सरपंच शिवनंदन सिंह उईके द्वारा 50 हजार रुपये जमा किए गए। शेष राशि की वसूली के लिए धारा-92 के तहत प्रकरण क्रमांक 303/2025-26 दर्ज किया गया।
बताया गया कि पूर्व सरपंच को शेष राशि जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन निर्धारित राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद विचारण उपरांत 29 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश जारी करते हुए 15 दिवस के भीतर निर्धारित राशि शासन के कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
31 अगस्त को जारी हुआ कारावास वारंट
निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं किए जाने के बाद जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी दिव्यांशु चौधरी के न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को पूर्व सरपंच शिवनंदन सिंह उईके को तत्काल अभिरक्षा में लेकर पकड़े जाने की तारीख से 30 दिवस की अवधि के लिए कारावास में रखने का वारंट जारी किया है।
यह कार्रवाई पंचायत निधि के उपयोग में सामने आई वित्तीय अनियमितता और निर्धारित राशि की वसूली नहीं होने के मामले में की गई है।