राधा-कृष्ण विट्ठल मंदिर में आदिरंग समिति के युवा कलाकारों ने बांधा भक्तिरस, श्रद्धालु हुए भावविभोर
सेवाजोहार(डिंडोरी):– श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर डिंडोरी नगर के मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित राधा-कृष्ण विट्ठल मंदिर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लगातार दो से तीन घंटे संध्या भजन भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना के दिव्य संगम का साक्षी बना। मंदिर प्रांगण में आदिरंग समिति के युवा कलाकारों द्वारा आयोजित भव्य भजन संध्या में देर रात तक कृष्ण भक्ति के स्वर गूंजते रहे। कलाकार वंदना टांडिया एवं उनके साथियों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।मंदिर परिसर में सजे आकर्षक वातावरण और भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। जैसे ही भजनों के सुरों में राधे-राधे और जय श्री कृष्ण के जयघोष घुले, पूरा नर्मदा तट मानो वृंदावन की भक्ति में रंग उठा।भजन संध्या के दौरान श्रीकृष्ण की जन्म लीलाओं, बाल स्वरूप और उनके जीवन-दर्शन को संगीत एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि प्रेम, करुणा, सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलना ही मानव जीवन की सार्थकता है।
श्रीकृष्ण केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को कर्म, विवेक और धर्म का मार्ग दिखाने वाले महान प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके जीवन की लीलाएं समाज को यह सीख देती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हुए सत्य और कर्तव्य के पथ से विचलित नहीं होना चाहिए।
भजन संध्या में उपस्थित श्रद्धालु देर रात तक कृष्ण भक्ति में डूबे रहे। मृदंग, ढोलक और अन्य वाद्ययंत्रों की संगत के बीच जब कलाकारों ने कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी, तो उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों और जयघोष से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर मंदिर प्रांगण श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। नर्मदा की शांत धारा और मंदिर से उठती भक्ति की स्वर लहरियों ने वातावरण को और भी अलौकिक बना दिया।
आदिरंग समिति के युवा कलाकारों की इस पहल ने जन्माष्टमी के धार्मिक उत्सव को सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना से भी जोड़ा। आयोजन का उद्देश्य केवल भक्ति प्रस्तुत करना ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को समाज तक पहुंचाना भी रहा।भजन संध्या के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरा मंदिर परिसर एक स्वर में गूंज उठा जन्माष्टमी की यह भव्य भजन संध्या में जिला भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, जिला सत्र न्यायालय एम एल राठौड़ महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमति कीर्ति गुप्ता, मंडल अध्यक्ष आशीष वैश्य, वार्ड नंबर 9 की पार्षद श्रीमति स्मिता बर्मन, पार्षद हरिहर परासर, एवं भाजपा के कार्यकर्ता, समस्त श्रद्धालु नगरवासी गरिमाई उपस्थित रही,
भजन संध्या,श्रद्धा, संस्कृति और संगीत का ऐसा सुंदर अध्याय बन गई, जिसकी स्मृतियां श्रद्धालुओं के मन में लंबे समय तक बनी रहेंगी।