कर वसूली और संपत्ति अभिलेखीकरण को लेकर कार्रवाई तेज, मौके पर कराई गई नाप-जोख
सेवाजोहार (डिंडोरी):- नगर में राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने एवं नगर परिषद के अभिलेखों को अद्यतन करने के उद्देश्य से नगर परिषद डिण्डौरी द्वारा मुख्य बाजार एवं प्रमुख मार्गों पर संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सर्वे एवं नाप-जोख की कार्रवाई प्रारंभ की गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर अंजू पवन भादौरिया के निर्देशों के तहत की जा रही है।
मुख्य मार्गों पर टीन शेड और अस्थायी संरचनाओं का सर्वे
मुख्य बाजार क्षेत्र में ऐसे कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जहां दुकानदारों द्वारा टीन शेड अथवा अन्य अस्थायी संरचनाएं लगाकर व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। नगर परिषद द्वारा अब इन दुकानों एवं व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही संरचनाओं की मौके पर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है।
इसी क्रम में राजस्व प्रभारी आशीष कोरी के नेतृत्व में नगर परिषद के अमले ने मौके पर पहुंचकर दुकानों एवं संबंधित व्यावसायिक परिसरों की नाप-जोख कराई। इस दौरान संबंधित वार्ड प्रभारी सहित नगर परिषद का अमला मौजूद रहा।

संपत्ति दर्ज कराने के लिए जारी किए जा रहे नोटिस
नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को नगर पालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर व्यावसायिक संपत्ति को नगर परिषद के अभिलेखों में तीन दिन में दर्ज कराने तथा नियमानुसार देय करों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को स्पष्ट किया गया कि व्यावसायिक उपयोग में आने वाली संपत्तियों का सही विवरण नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज होना आवश्यक है।
नगर परिषद का यह अभियान केवल कर वसूली तक सीमित न रहकर नगर क्षेत्र में मौजूद संपत्तियों का वास्तविक सर्वेक्षण कर राजस्व अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दुकान सील करने की दी गई चेतावनी
नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस में संबंधित व्यापारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित अवधि में आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध कराते हुए अपनी संपत्ति को नगर परिषद के अभिलेख में दर्ज कराएं और यदि कोई देय कर लंबित है तो उसका नियमानुसार भुगतान करें।
निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने की स्थिति में नगर परिषद द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 एवं लागू नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि परिस्थितियों एवं लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नियमानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कर व्यवस्था में समानता लाने पर जोर
नगर परिषद का कहना है कि नगरीय क्षेत्र में संचालित सभी पात्र व्यावसायिक संपत्तियों को कर व्यवस्था के दायरे में लाना आवश्यक है, ताकि किसी एक वर्ग पर अतिरिक्त भार न पड़े और सभी पात्र संपत्तियों से नियमानुसार राजस्व प्राप्त हो सके।
नगर परिषद के इस अभियान का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाना, संपत्तियों का सही अभिलेखीकरण करना और नगर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व जुटाना बताया जा रहा है।
अन्य वार्डों में भी हो सकता है सर्वे
मुख्य बाजार में प्रारंभ की गई कार्रवाई के बाद नगर परिषद द्वारा अन्य वार्डों में भी व्यावसायिक एवं कर योग्य संपत्तियों का भौतिक सत्यापन और नाप-जोख किए जाने की संभावना है। इससे नगर परिषद के राजस्व अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों और मौके पर मौजूद वास्तविक संपत्तियों के बीच अंतर को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
कलेक्टर अंजू पवन भादौरिया के निर्देशों के बाद नगर परिषद द्वारा राजस्व संबंधी कार्रवाई में तेजी लाए जाने से आने वाले दिनों में नगर के विभिन्न बाजार क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का सर्वे एवं सत्यापन अभियान देखने को मिल सकता है।