सेवाजोहार (डिंडोरी):– सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत आज दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत बजाग, जिला डिंडौरी में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग हेतु शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के समन्वय से हितग्राहियों का पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करने हेतु चयन संबंधी कार्यवाही की गई।
186 हितग्राहियों का पंजीयन, 157 विभिन्न सेवाओं हेतु चयनित
शिविर में कुल 186 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। इनमें विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के अंतर्गत कृत्रिम अंग हेतु 11, सहायक उपकरण हेतु 23, व्योश्री योजना हेतु 52, UDID कार्ड हेतु 42, मेडिकल प्रमाण पत्र हेतु 15 तथा पेंशन हेतु 14 हितग्राहियों का चयन किया गया। इस प्रकार विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के अंतर्गत कुल 157 हितग्राहियों को चयनित अथवा चिन्हित किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना तथा सामाजिक सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही उपस्थिति
शिविर में जनपद पंचायत बजाग के उपाध्यक्ष राधेश्याम कुशराम, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उपसंचालक श्याम सिंगौर तथा जनपद पंचायत बजाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सचिन अग्रवाल उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग से सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी, डॉ. अजय राज, डॉ. प्रकाश ठाकुर एवं डॉ. मिनी मोर्वे ने सहभागिता की। वहीं एलिम्को से श्री नवनीत तिवारी, श्री प्रणव शुक्ला एवं श्री मुकेश लोधी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) से डॉ. आनन्द गोल्हानी एवं रुचि विनोदिया तथा सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री ब्रज मोहन भारतीया भी शिविर में मौजूद रहे।
शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, उनकी आवश्यकताओं की पहचान करने तथा उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।