सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिले में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और पंजीयन कार्य की धीमी रफ्तार पर राजस्व विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। करीब 45 दिन बीतने के बाद भी निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम पंजीयन होने पर पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मैदानी भ्रमण के दौरान कार्य की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
132 प्लॉट में से महज 18 का पंजीयन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्का नंबर 66, राजस्व निरीक्षक मंडल अमेरा, तहसील शहपुरा के अंतर्गत आने वाले तीन गांवों में स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन की स्थिति बेहद निराशाजनक पाई गई। ग्राम खाल्हे महेशपुरी में 21 प्लॉट में से केवल 4, ग्राम खम्हरिया रैयत में 47 में से 5 तथा ग्राम पटपरा मा. में 64 प्लॉट में से महज 9 प्लॉट का ही पंजीयन हो सका है। इस तरह कुल 132 प्लॉट के विरुद्ध मात्र 18 प्लॉट का पंजीयन हुआ है। यानी लगभग 45 दिनों में महज 13.6 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल किया जा सका।
पटवारी को दो दिन में जवाब देने के निर्देश
कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग ने संबंधित पटवारी आशुतोष एक्का को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। नोटिस में दो दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि स्वामित्व योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित पटवारी को पूर्व में समिति की बैठकों सहित विभिन्न माध्यमों से कई बार निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हो सकती है बड़ी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित पटवारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सेवा समाप्ति के प्रस्ताव की प्रक्रिया भी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा सकती है।स्वामित्व योजना में धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व अमले में सख्ती का संदेश गया है। अब देखना होगा कि नोटिस के बाद पंजीयन कार्य में कितनी तेजी आती है।