सेवाजोहार (डिंडोरी): जिला कलेक्ट्रेट परिसर से भावान्तर योजना का गांव गांव प्रचार प्रसार करने के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते,जनपद अध्यक्ष,नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस,भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम,जिला महामंत्री लक्ष्मण सिंह ठाकुर,सुधीर दत्त तिवारी,पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत के साथ जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रैक्टर और दो पहिया वाहन को रवाना किया। इस दौरान एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन,एसडीएम डिंडोरी भारती मेरावी,कृषि विभाग के उपसंचालक अभिलाषा चौरसिया सहित बड़ी संख्या में अधिकारी जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मध्यप्रदेश सरकार की भावान्तर योजना का उद्देश्य सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है। इस योजना के तहत, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार में बिकने वाले मूल्य के बीच के अंतर की राशि को सीधे किसानों के खाते में जमा करेगी।
*योग्यता और पात्रता*
– मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसान इस योजना के लिए पात्र हैं।
– किसानों को अपनी फसल मंडियों में बेचनी होगी और एमएसपी से कम मूल्य पर बेचने पर सरकार अंतर की राशि प्रदान करेगी।
*लाभ*
– किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा।
– बाजार में मूल्य गिरने से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जाएगा।
– योजना के तहत, सरकार सोयाबीन के लिए 5328 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करेगी।
*पंजीकरण और आवेदन*
– भावांतर योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चलेगी।
– किसान ई-उपार्जन पोर्टल, एमपी किसान एप, या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
– पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में बैंक खाता, पासबुक, आधार कार्ड, खसरा-खतौनी और फोटो शामिल हैं।
*भुगतान और वितरण*
– सरकार द्वारा अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा की जाएगी।
– योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी फसल निर्धारित मंडियों में बेचनी होगी।