सेवाजोहार (डेस्क):- 23 जनवरी 2026 को कबीरपंथ के 16वें वंशप्रतापाचार्य, परम पूज्य पंथश्री हुजूर उदितमुनिनाम साहब का विधिवत गुरुगद्दी पर आसीन होना संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण में कबीरपंथ के 15वें वंशगुरु, परम पूज्य पंथश्री हुजूर प्रकाशमुनिनाम साहब ने परंपरानुसार तिलक, अंगवस्त्र, चादर एवं ताज से विभूषित कर उन्हें कबीरपंथ का संपूर्ण आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यभार सौंपा।

यह अवसर केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि कबीरपंथ की अखंड गुरु-परंपरा, श्रद्धा और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण है।
गुरुगद्दी पर आसीन होते ही श्रद्धालुओं में हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई तथा वातावरण “साहेब… साहेब…” के जयघोष से गूंज उठा।
समूचे कबीरपंथी समाज के लिए यह क्षण गौरव, आस्था और विश्वास का प्रतीक बन गया है।
🙏 सप्रेम साहेब
🙏 बंदगी साहेब 🙏