सेवाजोहार (मंडला):- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंडला नगर एक अद्भुत, दुर्लभ एवं ऐतिहासिक धार्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। दिनांक 15 फरवरी 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शन एवं पूजन हेतु 25,000 पवित्र रुद्राक्ष से निर्मित लगभग 6 फीट ऊँचा भव्य शिवलिंग स्थापित किया जाएगा।
सनातन धर्म में रुद्राक्ष से निर्मित शिवलिंग का विशेष आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इसकी पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है, आत्मिक शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है।
यह दिव्य शिवलिंग जिला पंचायत मंडला के सामने स्थित हनुमान शेषनाग राम दरबार मंदिर में स्थापित किया जा रहा है। इस अनुपम कलाकृति के सृजनकर्ता हैं मंडला जिले के सुप्रसिद्ध “बॉटल आर्ट के बादशाह” त्रिलोक सिंधिया, जिनकी कला और शिवभक्ति का यह जीवंत प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि पिछली महाशिवरात्रि पर स्थानीय संसाधनों से निर्मित शिवलिंग से प्रेरित होकर भाई त्रिलोक सिंधिया ने संकल्प लिया था कि अगली महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष से एक भव्य एवं अनोखा शिवलिंग तैयार करेंगे। उनके इस संकल्प को साकार करने में मंदिर व्यवस्थापक सुधीर कांसकार एवं सहयोगी भक्तों ने रुद्राक्ष व आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर पूर्ण सहयोग प्रदान किया।
लगभग 25 हजार रुद्राक्ष से सुसज्जित यह शिवलिंग केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि कलाकार की श्रद्धा, साधना और शिवभक्ति की अनुपम अभिव्यक्ति है।
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर त्रिलोक सिंधिया के निवास से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से रुद्राक्ष शिवलिंग को हनुमान शेषनाग राम दरबार मंदिर लाया जाएगा।
महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को संत-महात्माओं द्वारा रुद्राक्ष प्रदान किए जाने का सौभाग्य भी प्राप्त होगा, जिसे संपूर्ण मानव जाति के लिए एक दिव्य वरदान माना गया है।
मंदिर व्यवस्थापक सुधीर कांसकार द्वारा सदैव कलाकारों को प्रोत्साहन दिया जाता रहा है, उन्हीं के मार्गदर्शन और सहयोग से यह अनुपम रुद्राक्ष शिवलिंग आज जन-जन के दर्शन हेतु साकार हुआ है।