सेवाजोहार (मंडला):- मध्यप्रदेश के आदिवासी जिला मंडला के उपनगर महाराजपुर स्थित बूढ़ी माई वार्ड जहां प्राचीन सिद्ध मंदिर मां बूढ़ी माई का है,वहां इन दिनों एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहां एक ओर पूरे देश में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। आस्था के प्रमुख केंद्र संगमघाट और आसपास के मंदिर परिसर गंदगी के अंबार में तब्दील हो चुके हैं, जिससे दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में चारों ओर कचरे के ढेर लगे हुए हैं,गंदगी व्याप्त हैं और सफाई का कोई नियमित प्रबंध नजर नहीं आ रहा। मंदिरों के आसपास जहां साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, वहां बदबू और गंदगी का आलम है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि धार्मिक स्थल की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रही है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने महत्वपूर्ण पर्व के दौरान भी वार्ड के जनप्रतिनिधि—भाजपा पार्षद—पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहे हैं। जनता का आरोप है कि पार्षद ने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया है और क्षेत्र की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं, नगरपालिका मंडला भी इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्रि के दौरान संगमघाट पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और स्नान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन गंदगी के कारण उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में गंदगी के बीच ही पूजा करने को विवश हैं, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, नियमित सफाई कर्मियों की तैनाती हो और जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं, और क्या आस्था के इस पर्व में स्वच्छता और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी या फिर श्रद्धालु यूं ही परेशान होते