विकास कार्यों की समीक्षा के साथ दिए गए सख्त निर्देश
सेवाजोहार(डिंडोरी):- जिले के समग्र विकास, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के उद्देश्य से जिला विकास सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर सभाकक्ष डिंडौरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवास विभाग की राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी ने की।
बैठक में मंडला लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह तेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता, जनपद अध्यक्ष शहपुरा प्रियंका आर्मो, राजू सिंह उददे, हन्नू सिंह पट्टा, पवंती कुशराम, फूलकली मरावी, राम प्रसाद तेकाम सहित अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया। समिति के अन्य सदस्यों में लक्ष्मी नारायण अवधिया, मनोहर सिंह ठाकुर, महेश पाराशर, अंजू जितेंद्र ब्यौहार, गुलाब सिंह ठाकुर, ज्ञानदीप त्रिपाठी, कृष्णा सिंह परमार, अवधराज बिलैया एवं मानसिंह करपेती मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह, वनमंडल अधिकारी अशोक कुमार सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, एसडीएम भारती मेरावी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के दीर्घकालीन विकास हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पारंपरिक कौशलों की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही रोजगार सृजन, उद्योग एवं व्यापार को प्रोत्साहन, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं खनिज संसाधनों के समुचित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने किसानों के ऑनलाइन पंजीयन में आ रही सर्वर समस्या को प्रमुखता से रखा, जिस पर प्रभारी मंत्री ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। वहीं जबलपुर-डिंडौरी-अमरकंटक नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई, जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जहां नहर, डेम एवं तालाबों से किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने की समस्या उठाई गई। संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न जलाशयों एवं नहरों की मरम्मत में लापरवाही पर भी जांच के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर डॉ. सुनील जैन ने जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 137 स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल 47 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिसके कारण मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता है। इस पर मंत्री ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या उठाई, जिस पर मंत्री ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। इसके अलावा अवैध कॉलोनियों में सड़क निर्माण एवं सीवर लाइन के गुणवत्ताहीन कार्यों की शिकायतों पर भी जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचे।
बैठक में जिले के विकास को नई दिशा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया, जिससे डिंडौरी को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।