सेवाजोहार (डिंडोरी):– जिले के करंजिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोरखपुर लाल खाटी में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ जवारा विसर्जन किया गया। यह आयोजन क्षेत्र की प्राचीन परंपरा और आदिवासी संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जहां वर्षों से तीजा धुर्वे पण्डा के घर में विधि-विधान के साथ जवारे बोए जाते हैं।
नवरात्रि के नौ दिनों तक यहां भक्तिमय माहौल बना रहता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए “बढ़ना” (व्रत-नियम) रखते हैं। मान्यता है कि जिनकी मनोकामना पूर्ण होती है, वे पुनः जवारे बोकर माता की सेवा करते हैं।
विशेष बात यह है कि श्रद्धालु पूरे नौ दिन और नौ रात तक वहीं रहकर मां दुर्गा की सेवा, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं। इस दौरान पूरा गांव भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आता है।
जवारा विसर्जन के दिन ग्रामीण पारंपरिक वाद्ययंत्रों और जयकारों के साथ शोभायात्रा निकालते हुए जवारे का विसर्जन करते हैं। इस आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिलती है, जो इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखे हुए हैं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है।