सेवाजोहार (डिंडोरी):- प्रधानमंत्री आवास योजना (AHP घटक) के तहत नगर परिषद डिंडौरी में आवास आवंटन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रशासन की सख्ती के बाद 34 हितग्राहियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे हड़कंप की स्थिति बन गई है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। समिति में नायब तहसीलदार शाहपुर शशांक शेडे, उपयंत्री यशवंत मशराम और राजस्व निरीक्षक हेमंत उइके शामिल थे।
जांच के दौरान पाया गया कि कुल 83 आवंटित आवासों में से 8 हितग्राही खुद रहने के बजाय मकानों को किराए पर दे रहे हैं, जबकि 26 आवास लंबे समय से बंद या खाली पड़े हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि कई लोगों ने योजना का लाभ वास्तविक जरूरत के बिना लिया और शासन की मंशा के साथ खिलवाड़ किया।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित 34 हितग्राहियों की पात्रता समाप्त करने और आवंटित राशि की वसूली (राजसात) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सभी नोटिसधारी हितग्राहियों को 6 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे तक कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि यह भी संदेश दे रही है कि सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।