सेवाजोहार (डिंडोरी):- ग्राम पंचायत कसईसोंढा, जनपद पंचायत डिंडौरी में आदिवासी विकास परियोजना के तहत वर्ष 2021 में स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में 2.65 लाख रुपये की राशि की वसूली के साथ अब 30 दिवस के कारावास का आदेश जारी किया गया है।
प्राथमिक शाला भवन से अनुसुईया के घर होते हुए नीचे टोला तक सीसी रोड निर्माण के लिए 9 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 7 लाख रुपये का आहरण किया गया, लेकिन जांच एवं मूल्यांकन में मौके पर मात्र 1.70 लाख रुपये का निर्माण कार्य कराया जाना पाया गया। इस तरह 5.30 लाख रुपये की राशि का नियम विरुद्ध आहरण कर वित्तीय अनियमितता किए जाने का मामला सामने आया।
प्रकरण में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत देयता निर्धारित करने की कार्रवाई की गई। आदेश दिनांक 26 मई 2025 के अनुसार पूर्व सचिव के हिस्से की 2.65 लाख रुपये की राशि 14 फरवरी 2025 को शासन कोष में जमा कर दी गई।
वहीं पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते के हिस्से की 2.65 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए अधिनियम की धारा 92 के तहत प्रकरण क्रमांक 304/2025-26 पंजीबद्ध किया गया। राशि जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद निर्धारित राशि जमा नहीं की गई।
विचारण के बाद 29 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश जारी करते हुए पूर्व सरपंच को 15 दिवस के भीतर 2.65 लाख रुपये शासन कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद राशि जमा नहीं कराई गई।
अब बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि नोखेलाल परस्ते को अपनी अभिरक्षा में लेकर, पकड़े जाने की तारीख से 30 दिवस की अवधि के लिए कारावास में रखा जाए।
सीसी रोड निर्माण में वित्तीय अनियमितता के मामले में यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर शासकीय राशि के उपयोग में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।