सेवाजोहार (डिंडोरी):- जयस प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम ने बीजेपी मप्र के प्रवक्ता डॉ हितेश बाजपेयी को लीगल नोटिस भेजा है। विगत दिनो एक प्रॉडकास्ट मे हितेश बाजपेयी ने एकंर द्वारा जिस तरीके से जयस का जिक्र आते ही बाजपेयी द्वारा दलाली का आरोप लगता है आगे उन्होंने कहा खुद को कि 2003 से प्रबंधन टीम का हिस्सा हूँ मै लेजर दे दूगां कि हमारा आदमी चुनाव लडने जाते है ये लोग पैसे मांगने आ जाते है ये सब एवं जयस को बदनाम करने के उद्देश्य से नकारात्मक बाते किया जिससे आहत होकर जयस मप्र के अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम ने एड.सम्यक जैन के माध्यम से लीगल नोटिस दिया है।राष्ट्रीय जयस संरक्षक एवं मनावर विधायक डॉ हिरा अलावा ने वीडियो जारी कर बीजेपी प्रवक्ता के जयस पर की गई अनर्गल एवं अपमानजनक टिप्पणी करने पर उनसे जवाब मांगा है और आरोपों के साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है अन्यथा आगे कडे़ एक्सन और कानूनी लडाई की बात कहा है,यदि भविष्य मे जयस को कोई बदनाम करने की कोशिश करता है तो जयस आर पार लडाई लडने को तैयार रहेगा जयस को बदनाम करने वालो को छोडा नही जाएगा।
इंद्रपाल मरकाम के लीगल नोटिस को साझा करते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने लिखा है कि जयस ने बीजेपी प्रवक्ता को भेजा लीगल नोटिस
बीजेपी प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी जी द्वारा जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के संबंध में लगाए गए आरोपों को लेकर आज जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है।संगठन का स्पष्ट मत है कि किसी भी सामाजिक एवं लोकतांत्रिक संगठन के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से ऐसे आरोप लगाए जाते हैं, तो उनकी सत्यता एवं तथ्यात्मक आधार स्पष्ट होना आवश्यक है।प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम जी के माध्यम से डॉ. हितेश वाजपेयी जी को लीगल नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने की मांग की गई है।जयस हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करता है और संगठन की गरिमा एवं प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए इसी प्रक्रिया के तहत आगे भी कार्य करता रहेगा।किसी भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल द्वारा संगठन को बदनाम करने के उद्देश्य से किए जाने वाले प्रयासों को कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती दी जाएगी।संगठन की गरिमा हमारी जिम्मेदारी है।संविधान के रास्ते संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम ने इस विषय पर एक वीडियो भी जारी किया है जिसमे बाजपेयी के आरोप को चुनौती दिया है कि आपके पास यदि ऐसा साक्ष्य है तो उसे पेश करिए अन्यथा जयस सम्पूर्ण मप्र मे उग्र आंदोलन करेगा,15 दिवस के अंदर संतोषजनक जवाब नही देते हैं या माफी नही मागते है तो जयस आंदोलन करेगे और न्याय संहिता के अंतर्गत कानूनी लडाई लडेगें।