सेवाजोहार (डिंडोरी):- मंडला शहर में श्री बजरंग व्यायाम शाला, पुराना अखाड़ा, बस स्टैंड रोड से कई वर्षों से पोला पिठौरा की परंपरा बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाई जाती आ रही है।इस परंपरा के तहत सुबह-सुबह बड़ी संख्या में छोटे-बड़े सभी लोग गेंड़ी बनाकर शोभायात्रा में शामिल होते हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रंगरेज घाट पहुँचती है, जहाँ गेंड़ी का विधिवत विसर्जन किया जाता है।
गेंड़ी के दूसरे दिन, जिसे वड़गा कहा जाता है, खाप का विसर्जन किया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने-अपने घरों में बनाए गए गुजिया, सेव, खुरमी सहित अन्य पकवान लेकर माँ नर्मदा के तट पर पहुँचते हैं। वहाँ विसर्जन के बाद सभी लोग आपस में मिल-जुलकर प्रसाद एवं पकवान ग्रहण करते हैं।
यह परंपरा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मंडला की लोक संस्कृति, आस्था, भाईचारे और पुरानी विरासत की पहचान है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।